बीजापुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों को संक्रमण, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, पूर्व CM ने साधा निशाना

On: Thursday, November 13, 2025 12:12 PM
बीजापुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों को संक्रमण, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, पूर्व CM ने साधा निशाना
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Raipur News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में आयोजित मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में नौ मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया है।

रायपुर। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में आयोजित मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में नौ मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया है। यह शिविर 24 अक्टूबर को आयोजित किया गया था, जिसमें नेत्र चिकित्सक डॉ. तरुण कंवर ने कुल 14 मरीजों की सर्जरी की थी। सर्जरी के कुछ दिनों बाद नौ मरीजों में संक्रमण के लक्षण पाए गए, जिसके बाद उन्हें तत्काल रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रिफर किया गया।

जानकारी के अनुसार, संक्रमित मरीजों में आठ महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। सभी बीजापुर जिले के उसुर ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले हैं। सीएमएचओ डॉ. बी.आर. पुजारी ने बताया कि कुल 14 मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया गया था, जिनमें से 9 को गंभीर संक्रमण की शिकायत हुई है। वहीं बाकी 5 मरीजों में माइनर इन्फेक्शन के लक्षण देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर इलाज और जांच के लिए सभी मरीजों को रायपुर रेफर कर दिया गया है।

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच समिति का गठन किया है। यह टीम नेत्र ऑपरेशन में आई जटिलताओं के कारणों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव देगी।

जांच समिति में राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि अत्रिवाल, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर संभाग डॉ. महेश साण्डिया और नेत्र सर्जन जिला चिकित्सालय जगदलपुर डॉ. सरिता थॉमस शामिल हैं। समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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सर्जरी फॉलोअप में सामने आया संक्रमण

सूत्रों के मुताबिक, सर्जरी के बाद जब मरीजों का नियमित फॉलोअप किया गया, तब चिकित्सकों ने आंखों में हल्का संक्रमण देखा। प्रारंभ में इसे सामान्य माना गया, लेकिन बाद में कई मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद तत्काल विशेषज्ञों की सलाह पर मरीजों को रायपुर मेकाहारा अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना ने लिया राजनीतिक मोड़

यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, सुनने में आया है कि बीजापुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। यह सरकार दवा के नाम पर कमीशनखोरी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग में अमानक दवाइयां दी जा रही हैं। इनके समय में ही नसबंदी कांड हुआ था, जहां महिलाओं की जान गई थी। अब नेत्र शिविरों में भी यही हाल?

बघेल ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रभावित मरीजों को उचित मुआवजा और जीवनभर का मुफ्त इलाज दिया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सफाई

वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की घातक दवा या उपकरण की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने कहा कि सभी संक्रमित मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।

स्थानीय स्तर पर चिंता और आक्रोश

घटना के बाद बीजापुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे शिविरों में अक्सर लापरवाही की जाती है और गरीब मरीजों की जान जोखिम में डाल दी जाती है। वहीं, जिला प्रशासन ने कहा है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि संक्रमण की असली वजह क्या थी? सर्जरी में त्रुटि, उपकरणों की सफाई में लापरवाही या फिर अमानक दवाओं का उपयोग।

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