Big scam in cg यह भी पता चला है कि सरकारी दर 134 रुपये प्रति मानक बोरा थी, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने केवल 100 रुपये प्रति बोरा की दर पर तेंदूपत्ता बेचा। इस तरह हर बोरे पर 34 रुपये का नुकसान हुआ। इस प्रकार शासन को कुल 93 लाख 34 हजार रुपये का नुकसान पहुंचा है।

राजनांदगांव। Big scam in cg छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में 93 लाख रुपए से अधिक का तेंदूपत्ता घोटाले का मामला सामने आया है। खरीदार ने वन कर्मियों से मिलीभगत कर गोदाम से अच्छी क्वालिटी के तेंदूपत्ता को हटाकर उसकी जगह बोरे में पुराना खराब तेंदूपत्ता और कचरा भर दिया था। मामला उजागर होने पर तेंदूपत्ता खरीदार, रेंजर सहित कुल 10 वनकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह घोटाला मोहला के जीई रोड स्थित मैदानी गोदाम में वर्ष 2022 में तेंदूपत्ता विक्रय के दौरान हुआ था।

Big scam in cg नियमों का उल्लंघन कर भुगतान

मौजूदा गुरुकृपा गोदाम में वन विभाग ने साल 2022 से 2025 तक तेंदूपत्ता का भंडारण किया था। यहां बीजापुर भैरमगढ़ वनक्षेत्र से तोड़े गए अच्छी क्वालिटी के तेंदूपत्ता का भंडारण किया गया था। आरोप है कि सुधीर मानेक नाम के व्यपारी ने तेंदूपत्ता की खरीदी की थी। लेकिन सुधीर ने अनुबंध राशि का भुगतान संबंधित समितियों को न कर सीधे विभागीय कर्मचारियों को कर दिया। Big scam in cg जांच में यह भी सामने आया कि तेंदूपत्ता बिक्री की अनुमति लेने से पहले ही उसने नियमों का उल्लंघन करेत हुए भुगतान भी ले लिया था। जिसके चलते सुधीर मानेक का अनुबंध निरस्त कर दिया गया।

गोदाम में की गई बोरों की अदला-बदली

गोदाम में रखे उक्त तेंदूपत्ता को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। इस बीच मिलीभगत कर उच्च क्वालिटी के तेंदूपत्ता वाले बोरे की अदला-बदली की गई। वन विभाग का दावा है कि जांच की गई तो ज्यादातर बोरों में अच्छी क्वालिटी का तेंदूपत्ता हटाकर पुराना कचरा भरने की पुष्टि हुई है। गोदाम में तेंदूपत्ता अदला-बदली के लिए तत्कालीन गोदाम प्रभारी, जो कांकेर के वन परिक्षेत्र अधिकारी हैं, का सहयोग लिया गया। इसके अलावा दो तत्कालीन गोदाम प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सहित वन विभाग द्वारा लगाए गए सुरक्षा श्रमिकों की भूमिका भी सामने आई है।

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यह भी पता चला है कि सरकारी दर 134 रुपये प्रति मानक बोरा थी, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने केवल 100 रुपये प्रति बोरा की दर पर तेंदूपत्ता बेचा। Big scam in cg इस तरह हर बोरे पर 34 रुपये का नुकसान हुआ। इस प्रकार शासन को कुल 93 लाख 34 हजार रुपये का नुकसान पहुंचा है।

इन पर की गई एफआईआर

वन मंडलाधिकारी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद कोतवाली थाने में एफआईआर की गई है।जिसमें तेंदूपत्ता खरीदार सुधीर मानेक, तत्कालीन मुख्य गोदाम प्रभारी रहे कांकेर रेंजर माखन लाल बंजारे, उप वन क्षेत्रपाल जीवन लाल देशमुख, गोदाम चौकी सुनील ठाकुर हैं। इनके अलावा सुरक्षा श्रमिक जावेद अहमद, दिनेश मारकंडे, निरंजन सिंह ठाकुर, ईश्वर साहू, तीज व कम्प्यूटर ऑपरेटर यशवंत धनकर के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।