Snake bite in Anganwadi: आंगनबाड़ी केंद्र में मासूम को सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत… बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

On: Thursday, September 4, 2025 7:56 PM
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Snake bite in Anganwadi: कोरिया जिले से सर्पदंश का मामला सामने आया है। यहां 3 साल बच्चे की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

कोरिया। Snake bite in Anganwadi: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से सर्पदंश का दर्दनाक मामला सामने आया है। बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम कदमनारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 2 सितंबर को तीन साल के मासूम बच्चे की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

Snake bite in Anganwadi: जानें कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, ग्राम कदमनारा की एक महिला सुबह करीब 11 बजे अपने तीन साल के बेटे को आंगनबाड़ी लेकर पहुंची थी। वहां बच्चा अन्य बच्चों के साथ खेलता रहा और इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र में भोजन भी किया। खाने के बाद जब वह हाथ धोने के लिए आंगनबाड़ी परिसर के बाहर गया, तभी अचानक बिल से एक जहरीला सांप निकला और बच्चे को डस लिया।

सांप के डसते ही बच्चा मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। यह दृश्य देखकर उसकी मां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घबरा गईं। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्चे को बैकुंठपुर जिला अस्पताल लेकर गए।

अस्पताल पहुंचने पर नहीं बचाई जा सकी जान

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

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सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे बच्चों के लिए बनाए गए इन केंद्रों में यदि सांप जैसी खतरनाक घटनाएं घटने लगें तो बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु अक्सर घरों और सार्वजनिक स्थलों में निकल आते हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम जरूरी हैं।

बरसात में बढ़ते सर्पदंश के मामले

गौरतलब है कि बरसात के मौसम में सांपों का खतरा काफी बढ़ जाता है। गीली जमीन और खुले बिलों से सांप बाहर निकलकर आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। इसी कारण सर्पदंश के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था होने से कई जानें बचाई जा सकती हैं।

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