धर्मांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ में दो पक्षों में तनाव, जनजाति सुरक्षा मंच ने बस्तर क्षेत्र में शव दफन पर जताई चिंता

On: Tuesday, July 16, 2024 10:16 AM
Narayanpur Bastar division dead body burial conversion two party tension tribal security forum
ad

गोंडवाना समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर धर्मांतरित परिवार के शव को कब्र से निकालकर गांव से दूर ईसाई कब्रिस्तान में दफन करने मांग की

नारायणपुर। नारायणपुर और कोंडागांव की सीमा के पास स्थित भाटपाल गांव में फिर धर्मांतरण को लेकर दो पक्ष में तनाव की स्थिति बन रही है। पिछले दो दिन से जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों पक्ष के लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन बात नहीं बन पाई है। गोंडवाना समाज के लोगों ने मामले को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर धर्मांतरित परिवार के शव को कब्र से निकालकर गांव से दूर ईसाई कब्रिस्तान में दफन करने की मांग की है।

बेनूर परगना के आदिवासी समुदाय के लोगों ने ज्ञापन देते समय पुलिस द्वारा कलेक्टर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बता दें कि बलौदाबाजार में हुई हिंसक घटना के बाद पुलिस सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट पर दिख रही है। यहां तीन स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी।

इस बीच सोमवार की शाम जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सदस्य रामनाथ कश्यप ने पत्रकारों से चर्चा की। कहा कि मूल आदिवासी धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म से जुड़े परिवार के सदस्य की मृत्यु होने के बाद शव को गांव में दफन करने पर कड़ी आपत्ति जताई जा रही है। जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा बस्तर में शव दफनाने के बढ़ते मामले को चिंता जाहिर कर जन समस्या निवारण शिविर की तर्ज पर गांव-गांव में धर्मांतरित परिवार की पहचान के लिए शिविर लगाने की मांग की है।

कश्यप ने बताया कि गत रविवार को लहरू राम पिता सकरू राम ग्राम भाटपाल थाना बेनूर की मृत्यु होने पर उसके पुत्र जो कुछ वर्ष पूर्व अपने मूल परंपरा छोडकर मिशनरी परंपरा अपना लिए हैं के द्वारा अपने पिता की अचानक मृत्यु बताकर संदिग्ध अवस्था में गांव के देव स्थल पर बिना सूचना दिए गांव की ग्राम व्यवस्था रूढ़ी प्रथा और परंपरा के विरूद्ध मिशनरी पद्धति से मिशनरी के दो-चार लोगों को बुलाकर आनन- फानन में चुपचाप से दफन कर दिया है जो कि हमारे सदियों से चली आ रही परंपरा रीति-रिवाज व ग्राम व्यवस्था के विरूद्ध है।

उनका कहना है कि इसलिए हम आदिवासी समाज के लोगों की मांग है कि षडयंत्रपूर्वक हमारी आस्था, परंपरा, रीति-रिवाज और ग्राम व्यवस्था के खिलाफ कार्य करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए पहचान किया जाए कि वह व्यक्ति किस चर्च से संबंधित या किस पादरी के सपंर्क में आकर षडयंत्रकारी कृत्य में लिप्त है, जिसकी जांच की जाए और संदिग्ध रूप से दफन किए गए शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाए।

मामले पर नारायणपुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी अभयजीत सिंह मंडावी ने कहा कि दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, बातचीत में समस्या का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। विदित हो कि पिछले दिनों धर्मातंरण को लेकर तनाव की स्थिति बन गई थी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a comment