सुप्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के संग साहित्य का महापर्व, रायपुर में होगा ‘हिंद युग्म उत्सव 2025′ का आयोजन… जानें तारीख

On: Thursday, September 11, 2025 3:21 PM
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hind yugm festival 2025: राजधानी में साहित्य प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर आने वाला है। आगामी 20 और 21 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में दो दिवसीय ‘हिंद युग्म उत्सव 2025’ आयोजित किया जाएगा।

रायपुर। hind yugm festival 2025: राजधानी रायपुर साहित्य और कला प्रेमियों के लिए 20 और 21 सितंबर को दो दिवसीय ‘हिंद युग्म उत्सव 2025’ का साक्षी बनने जा रही है। यह उत्सव पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा और छत्तीसगढ़ में इस अनोखे घुमंतू साहित्य उत्सव का चौथा संस्करण होगा। देशभर से करीब 100 लेखक-साहित्यकार इस आयोजन में शामिल होंगे।

सुप्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल होंगे शामिल

इस वर्ष के उत्सव के केंद्र में सुप्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल रहेंगे। शुक्ल की रचनाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां और डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही लेखकों मानव कौल, राहगीर, फैजल मलिक, परितोष त्रिपाठी, दिव्य प्रकाश दुबे, नीलोत्पल मृणाल को करीब से सुनने और जानने का अवसर मिलेगा। रायपुर के साहित्यप्रेमियों को यह मौका मिलेगा कि वे अपने पसंदीदा लेखकों से सीधे संवाद कर सकें।

hind yugm festival 2025: उत्सव में साहित्य, कला और संस्कृति का व्यापक संगम

‘हिंद युग्म उत्सव 2025’ केवल साहित्यिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी महापर्व है। कार्यक्रम के दौरान किताबों पर परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी, जहां नए ट्रेंड्स और लेखन की दुनिया पर चर्चा होगी। लेखक और पाठक आमने-सामने मिलेंगे, साथ ही सिनेमा और कला से जुड़े विशेषज्ञ भी साहित्य प्रेमियों से संवाद करेंगे।

इस वर्ष की खासियतों में शामिल हैं:

बता दें कि उत्सव में साहित्य और कला के कई पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें किताबों पर परिचर्चाएँ, लेखक से मुलाकात, सिनेमा विशेषज्ञों से संवाद, ‘कैंपस-कविता’ कार्यक्रम, ओपन माइक ‘छत्तीसगढ़ : मंच खुला है’ जैसे आयोजन होंगे। साथ ही संगीत, स्टैंड-अप कॉमेडी, बच्चों और बड़ों के लिए टेराकोटा और पेंटिंग कार्यशालाएँ, AI पर विशेष सत्र, नई किताबों का लोकार्पण और स्टोरीटेलिंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झलक

इस उत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की भी झलक देखने को मिलेगी। राज्य के लोकनृत्य, लोकगायन और लोककला के प्रदर्शन होंगे। साथ ही लोक कलाकृतियों जैसे पेंटिंग, मूर्ति और हस्तकला का प्रदर्शन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट स्टॉल भी आयोजन का हिस्सा होंगे, जिससे राज्य की सांस्कृतिक विविधता और कला का अनुभव मिलेगा।

घुमंतू साहित्य उत्सव की विशेष पहचान

हिंद युग्म उत्सव देश का एकमात्र घुमंतू साहित्य उत्सव है, जो हर साल देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित होता है। इसके पहले तीन संस्करण क्रमशः बाड़मेर, वाराणसी और भोपाल में आयोजित किए जा चुके हैं। यह उत्सव लेखन, साहित्य, कला और किताबों की दुनिया के नए ट्रेंड्स, नए माध्यम और व्यवसायों के लिए नए रास्तों पर संवाद का मंच है।

उत्सव आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ किताबों और साहित्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला, संगीत, रंगमंच और नवोदित प्रतिभाओं को भी प्रस्तुत करने का अवसर है। यह छत्तीसगढ़ के साहित्यिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को नई दिशा देगा और राजधानी रायपुर को देशभर के लेखकों, कलाकारों और साहित्यप्रेमियों का केंद्र बनाएगा।

साहित्य प्रेमियों के लिए यह दो दिवसीय महापर्व एक यादगार अनुभव साबित होगा, जहां वे साहित्य, कला और संस्कृति की समृद्धि का आनंद ले सकते हैं और देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों से सीधे संवाद कर सकते हैं।

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