Crime News: एक निजी चैनल के पत्रकार के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद जिले में पत्रकारों में आक्रोश फैल गया है और उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कवर्धा। Attack on journalist: पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, जो सत्ता से सवाल करता है, समाज को दिशा देता है और जनता को जागरूक करता है। लेकिन कई बार यही पत्रकार सच्चाई उजागर करने की कीमत अपनी जान जोखिम में डालकर चुकाते हैं।
ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सामने आया है, जहां एक निजी चैनल के पत्रकार के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद जिले में पत्रकारों में आक्रोश फैल गया है और उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्टिंग के दौरान हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम को एक प्रतिष्ठित निजी चैनल के पत्रकार संजय यादव और उनके कैमरामैन ग्राम हरीनछपरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक पानी पैकिंग फैक्ट्री में समाचार कवरेज के लिए पहुंचे थे। पत्रकार फैक्ट्री में पानी की शुद्धता, फिल्टरिंग प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं को लेकर फैक्ट्री मालिक से सवाल कर रहे थे। इस दौरान फैक्ट्री मालिक ने नाराज होकर पत्रकार को रोकने की कोशिश की और कथित रूप से गले से पकड़कर मारपीट करने लगा।
Attack on journalist: मोबाइल फोन छीनने की कोशिश
पीड़ित पत्रकार ने बताया कि इस दौरान उनके कैमरामैन के दो मोबाइल फोन लूट लिए गए और तीसरे मोबाइल को भी छीनने का प्रयास किया गया। घटना के बाद पत्रकार किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले और तत्काल डायल 112 और पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री मालिक को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
डीएसपी मौके पर, सीसीटीवी जब्त
घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज और डीवीआर जब्त कर लिया। इसके बाद सभी को थाना लाया गया। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि वह अपनी शिकायत दर्ज कराते उससे पहले ही फैक्ट्री मालिक ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर लिया।
पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन
शनिवार को जिले के पत्रकारों ने बैठक कर इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद कवर्धा के सिग्नल चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। पत्रकारों ने घटना के दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे धरना-प्रदर्शन को उग्र रूप देंगे और चक्काजाम करेंगे।
फर्जी एफआईआर रद्द करने की मांग
पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पत्रकार संजय यादव पर की गई कथित फर्जी एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्रकारों ने कहा कि यह घटना गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या प्रशासन और पुलिस पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।
Attack on journalist: प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले ने जिले में पत्रकार सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। पत्रकारों का कहना है कि यदि सच्चाई दिखाने पर ही पत्रकारों को धमकियां और हमले सहने पड़ेंगे, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। अब देखना यह है कि प्रशासन पत्रकारों की मांगों पर कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
कांग्रेस नेताओं ने किया ट्वीट
दूसरी ओर मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने मामले को लेकर ट्वीट किया है। भूपेश बघेल ने ट्वीट किया कि पत्रकारों पर अत्याचार बंद करो। गृहमंत्री विजय शर्मा के विधानसभा और उन्हीं के गृह ज़िले में ग्राउंड कवरेज के दौरान पत्रकार पर जानलेवा हमला की सूचना बेहद निंदनीय है। हमलावरों पर अब तक कार्रवाई न होना। आंदोलनरत पत्रकारों की मांगें न मानना बताता है कि भाजपा सरकार का नज़रिया पत्रकारों के प्रति क्या है।
वहीं पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने ट्वीट किया कि पत्रकारों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। कवर्धा में पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ। लीपापोती के लिए केवल एफआईआर दर्ज पर दोषियों पर कार्रवाई ठप्प है।






