बिड़ला ओपन माइंड स्कूल पर लगा 1 लाख रुपए का जुर्माना, अभिभावकों से अनुचित शुल्क वसूलने का आरोप, जानें पूरा मामला

On: Friday, September 26, 2025 2:02 PM
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Ambikapur News: अम्बिकापुर जिला-सरगुजा के बिड़ला ओपन माइंड स्कूल पर जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर ने 1,00,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।

अम्बिकापुर। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कई स्कूलों में पुस्तकों और अन्य शैक्षणिक सामग्री की बिक्री को लेकर अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अम्बिकापुर जिला-सरगुजा के बिड़ला ओपन माइंड स्कूल पर जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर ने 1,00,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।

जानें क्या है पूरा मामला

सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता राहुल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में पंजीकृत शिकायत क्रमांक PMOPG/E/2025/006407 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू नहीं है। सभी कक्षाओं में निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं और अभिभावकों पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल की एक पतली 24 पेज की किताब की कीमत 650 रुपये रखी गई है और पूरे सेट के लिए खरीद को अनिवार्य कर दिया गया है। आधी किताबें या फोटो कॉपी स्वीकार नहीं की जाती हैं।

जांच के दौरान हुआ बड़ा खुलासा

जांच के दौरान यह पाया गया कि स्कूल में SCERT (निःशुल्क छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक) और NCERT की कोई भी पुस्तक लागू नहीं की गई है। नर्सरी से आठवीं तक सभी कक्षाओं में निजी प्रकाशकों की किताबें ही लागू की गई हैं। स्कूल की दुकान केवल “किताब घर”, भट्ठी रोड, केदारपुर अम्बिकापुर तक सीमित है, जिससे अभिभावकों को अन्य विकल्प नहीं मिलते।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कक्षा 1 से 4 तक कार्य पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी स्वीकार नहीं की जा रही है, जबकि कक्षा 5 से 8 तक फोटोकॉपी मान्य है। इसके अलावा, कक्षा नर्सरी से सातवीं तक स्कूल गणवेश और अन्य सामग्री भी केवल एक ही फर्म से उपलब्ध कराई गई है।

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कारण बताओ नोटिस भी जारी

जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, इस तरह की लूट केवल स्कूल प्रबंधन द्वारा अनुचित लाभ के उद्देश्य से की जा रही हैं। शिकायत पर जांच के बाद स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, जिसका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके चलते जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल पर 1,00,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि ऐसी अनियमितता दोहराई गई तो स्कूल की मान्यता समाप्त की जा सकती है।

3 दिन के भीतर जुर्माना जमा करने का आदेश

आदेश के अनुसार, दंड राशि 3 दिन के भीतर शासन के खजाने में जमा कर इसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा। इस कार्रवाई की सूचना सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर सरगुजा, आयुक्त सरगुजा संभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

यहां देखें पुस्तकों का मूल्य

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