Ravan dahan: शहर के पीजी कॉलेज मैदान में 85 फीट के रावण के पुतले का किया गया दहन, बारिश ने लोगों का मजा किया किरकिरा, बाद में हुई आतिशबाजी
अंबिकापुर। विजयादशमी के अवसर पर बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन (Ravan dahan) शहर के पीजी कॉलेज मैदान में किया गया। लेकिन इसका मजा किरकिरा तब हो गया जब पुतलों के दहन से पूर्व भरी बारिश होने लगी। हजारों की संख्या में लोग दहन कार्यक्रम देखने मैदान में पहुंचे थे। बारिश शुरू होते ही वहां अफरातफरी मच गई और लोग मैदान छोड़कर जाने लगे। भीगने से बचने कुछ लोगों ने दर्शक दीर्घा में रखी कुर्सियां सिर पर उठा लीं। आलम ये रहा कि आननफानन में परेशानी के बीच रावण के पुतले का दहन करना पड़ा।
सरगुजा संभाग में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जगह जगह रावण के पुतले का दहन (Ravan dahan) किया गया। अंबिकापुर में मुख्य कार्यक्रम सरगुजा सेवा समिति नागरिक समिति और जिला प्रशासन द्वारा पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया था।

यहां 85 फीट के रावण का पुतला तैयार किया गया था। रावण का नाश करने श्री राम मंदिर से रथ पर सवार होकर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की शोभायात्रा पीजी कॉलेज मैदान में पहुंची। यहां है जय श्री राम के उदघोष के बीच रावण के पुतले का दहन किया गया।
Ravan dahan: बारिश ने कार्यक्रम में डाला खलल
रावण दहन (Ravan dahan) का कार्यक्रम शाम 7.30 से 8 बजे के बीच रखा गया था। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधायक रजनी रविशंकर त्रिपाठी, महापौर मंजूषा भगत समेत अन्य अतिथि मौजूद थे।
लेकिन ऐन वक्त पर बारिश शुरू हो गई। बारिश आधे घंटे से भी अधिक समय तक होती रही। इससे अतिथियों का भाषण भी स्थगित कर दिया गया तथा बारिश के बीच ही रावण के पुतले का दहन कर दिया गया।
इधर बारिश से बचने लोग इधर उधर भागने लगे। कई लोगों ने सिर पर कुर्सियां रख लीं ताकि बारिश से बच सकें।
बारिश रुकने के बाद हुई आतिशबाजी
रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले का दहन होने के साथ ही अधिकांश लोग मैदान से अपने घरों के लिए रवाना हो गए। बवाई बारिश के बाद भी हजारों लोग मैदान में डटे रहे। इधर आयोजन समिति द्वारा बारिश रुकने के बाद भव्य आतिशबाजी की गई। इसका लुत्फ लोगों ने उठाया।






