Bilaspur Train Accident Today: रेल हादसे के दो दिन बाद ही एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यात्रियों के लिए गुरुवार का दिन दहशत भरा साबित हुआ, जब एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें एक साथ दौड़ने लगीं।
बिलासपुर। Bilaspur Train Accident: रेल हादसे के दो दिन बाद ही एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यात्रियों के लिए गुरुवार का दिन दहशत भरा साबित हुआ, जब एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें एक साथ दौड़ने लगीं। दरअसल, कोरबा मेमू लोकल ट्रेन के आगे और पीछे दो मालगाड़ियां आ गईं। स्थिति इतनी खतरनाक हो गई थी कि थोड़ी सी चूक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी। गनीमत रही कि समय रहते ट्रेनों को रोक दिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
एक ही ट्रैक पर दौड़ने लगीं तीन ट्रेनें
यह घटना कोटमीसोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक यात्रियों को पता चला कि जिस ट्रैक पर उनकी ट्रेन खड़ी है, उसी पर आगे और पीछे दो मालगाड़ियां भी मौजूद हैं। यह दृश्य देखते ही ट्रेन में हड़कंप मच गया। कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतरने लगे। किसी ने पटरी पर छलांग लगा दी तो कोई अपने सामान के साथ दौड़ पड़ा। महिलाएं और बच्चे भयभीत होकर रोने लगे। कुछ यात्री लगातार प्रार्थना करते रहे कि किसी तरह हादसा न हो।
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जानें क्या है वजह?
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला ऑटो सिग्नल प्रणाली (Automatic Signaling System) से जुड़ा हुआ है। इस प्रणाली में एक ही ट्रैक पर कई ट्रेनें सीमित दूरी बनाए रखते हुए चलाई जा सकती हैं। हालांकि, यात्रियों को इस तकनीकी जानकारी का अंदाजा नहीं था। जब उन्होंने ट्रेन के आगे-पीछे मालगाड़ियां देखीं, तो उन्हें लगा कि टक्कर हो सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से ड्राइवर ने ट्रेन को तुरंत रोक दिया और इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी गई।
रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तत्पश्चात ट्रैक पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। तकनीकी जांच के बाद ही रेल संचालन को सामान्य किया गया।
यात्रियों में डर का माहौल
घटना के बाद यात्रियों में आक्रोश और भय का माहौल बना रहा। कई यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से सवाल किया कि आखिर दो दिन पहले ही बड़ा हादसा होने के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। वहीं, रेलवे का कहना है कि इस घटना में किसी भी तरह की मानवीय गलती नहीं थी और पूरी स्थिति सिग्नलिंग सिस्टम की प्रक्रिया के तहत नियंत्रित थी। फिलहाल, रेलवे ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही लालखदान के पास हुए रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और कई परिवार तबाह हो गए थे। ऐसे में, एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनों के आने की यह नई घटना यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।






