death of congress leader: वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की शनिवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई।
भानुप्रतापपुर (कांकेर)। death of congress leader: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र से एक बेहद दुखद वाली खबर सामने आई है। क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की शनिवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात पुसऊ राम दुग्गा को अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। इस पर उन्होंने अपने परिजनों से मालिश करवाकर आराम करने के लिए बिस्तर पर लेट गए। चूंकि रात में मौसम ठंडा था, इसलिए कमरे में गर्मी बनाए रखने के लिए बिस्तर के पास एक अलाव जलाया गया था।
इस हाल में मिली लाश
बताया जा रहा है कि देर रात अचानक घर के अंदर जलने की आवाज सुनाई दी। जब बाकी परिजन यह देखने पहुंचे कि क्या हुआ, तो वे कमरे में प्रवेश करते ही हैरान रह गए। कमरे के अंदर आग की लपटें उठ रही थीं और पुसऊ राम दुग्गा बिस्तर पर जल चुके थे। परिजनों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिजनों की सूचना पर भानुप्रतापपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि पुसऊ राम को हार्ट अटैक आया होगा, और बेहोशी या तड़पने के दौरान पास में जल रहे अलाव से बिस्तर में आग लग गई, जिससे वे जलकर दम तोड़ बैठे। हालांकि, मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे से न केवल पुसऊ राम दुग्गा का परिवार गहरे सदमे में है, बल्कि पूरे कांग्रेस संगठन में शोक की लहर फैल गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लगातार परिजनों के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने भी पुसऊ राम दुग्गा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “पुसऊ राम दुग्गा समर्पित और ईमानदार जनसेवक थे। उन्होंने हमेशा जनता के बीच रहकर उनके हित के लिए काम किया। उनका जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।”
फिलहाल पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और हर संभावित पहलू पर नजर रखे हुए है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे भानुप्रतापपुर क्षेत्र को शोक और स्तब्धता में डाल दिया है।






