लाल सलाम कामरेड हिड़मा… कांग्रेस महासचिव के पोस्ट से मचा बवाल! 26 हमलों से मचा दिया था आतंक

On: Friday, November 21, 2025 1:29 PM
लाल सलाम कामरेड हिड़मा… कांग्रेस महासचिव के पोस्ट से मचा बवाल! 26 हमलों से मचा दिया था आतंक
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CG Politics: हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे का भी ग्रामीण रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

रायपुर। Political News: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए 1 करोड़ 80 लाख के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा का शुक्रवार को उसके पैतृक गांव पुवर्ती में अंतिम संस्कार किया गया। हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे का भी ग्रामीण रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। बस्तर की चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी भी इस दौरान वहां उपस्थित रहीं।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रीति मांझी का कथित पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें (Political News) उन्होंने “लाल सलाम कामरेड हिड़मा” लिखकर श्रद्धांजलि दी है। पोस्ट वायरल होते ही प्रीति मांझी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के घेरे में आ गई हैं।

26 से अधिक बड़े नक्सली नरसंहारों का मास्टरमाइंड हिड़मा

गौरतलब है कि माड़वी हिड़मा बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों का टॉप कमांडर माना जाता था और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह झीरम घाटी हमले सहित 26 से अधिक बड़े नक्सली नरसंहारों का मास्टरमाइंड रहा है। झीरम कांड में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शहीद हुए थे।

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट लिखे जाने के बाद कई राजनीतिक दलों के नेता प्रीति मांझी पर सवाल उठा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। वहीं प्रीति मांझी की ओर से इस विवादित पोस्ट पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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मां का वादा, सरेंडर करने के लिए करेंगी राजी

हिड़मा के परिवार में भाई-भाभियों के अलावा मां भी है। 10 नवंबर को छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा उसकी मां से मिले। तभी उन्होंने साफ किया था कि हिड़मा सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में है। उन्होंने उनसे हिड़मा के सरेंडर में मदद करने की रिक्वेस्ट की। बूढ़ी मां ने वादा किया कि वह अपने बेटे को सरेंडर करने के लिए मनाएगी। सूत्र बताते हैं कि हिड़मा जंगल छोड़ने और हथियार डालने के लिए तैयार नहीं था। उसे सरेंडर करने वाले नक्सली नेता भी पसंद नहीं थे। मुलाकात के 8 दिन बाद माडवी हिड़मा अपनी पत्नी राजक्का समेत 6 साथियों के साथ आंध्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर पर मुठभेड़ में मारा गया।

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