Collector saluted SI: अमेरा कोल माइंस एक्सटेंशन मामले में जमीन पर कब्जा दिलाने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने किया था पथराव, SI सुनीता भारद्वाज ने दिया था अदम्य साहस का परिचय, किया गया सम्मानित
अंबिकापुर। लखनपुर विकासखंड अंतर्गत अमेरा खदान विस्तार को लेकर ग्राम परसोढ़ीकला के ग्रामीणों और SECL प्रबंधन के बीच तनातनी चल रही है। SECL ने उक्त जमीन का अधिग्रहण कर लिया है लेकिन उक्त जमीन पर कब्जे को लेकर 5 दिन पूर्व पुलिस और ग्रामीणों के बीच पथराव हो गया था। इसमें 3 दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पथराव के बीच अंबिकापुर महिला थाना प्रभारी SI सुनीता भारद्वाज (Collector saluted SI) फंस गई थीं। इस दौरान ग्रामीणों ने उनपर जमकर पत्थर बरसाए थे। गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ग्रामीणों का सामना करती रहीं।
ग्रामीणों की ओर से किए गए बड़े बड़े पत्थरों के हमले में उनका सुरक्षा शील्ड टूट गया था, शरीर के हर हिस्से में पत्थर पड़ते रहे, हेलमेट की वजह से उनकी जान बची और वे किसी तरह से ग्रामीणों के चंगुल से बच निकलीं।
उनके इस साहस की जहां जमकर तारीफ हो रही है, वहीं ग्रामीणों की इस हरकत को मानवता को शर्मसार कर देने वाला कृत्य बताया जा रहा है। उन्होंने भीड़ में अकेली फंसी महिला पुलिस अधिकारी पर जिस तरह से पथराव किया, उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
Collector saluted SI: कलेक्टर ने दी सलामी
SI सुनीता भारद्वाज की इसी कर्तव्यनिष्ठा और साहस को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यहां SSP राजेश अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल और अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कलेक्टर विलास भोस्कर ने SI सुनीता भारद्वाज के साहस की सराहना करते हुए उन्हें सेल्यूट (Collector saluted SI) किया। कलेक्टर ने कहा कि अपने जिले का नाम रोशन किया है, आपको बधाई।
कलेक्टर और SSP ने ये कहा
कलेक्टर ने एसआई की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में दिशा-निर्देश भले ही उच्च स्तर से दिए जाते हों, लेकिन वास्तविक क्रियान्वयन मैदान में तैनात अधिकारी ही करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस धैर्य, साहस और कुशलता से महिला थाना प्रभारी ने संवेदनशील परिस्थिति को संभाला, वह प्रशंसा (Collector saluted SI) योग्य है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कहा कि पुलिस का मूल दायित्व कानून व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस ट्रेनिंग के दौरान जवान धैर्य और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य के निर्वहन की शपथ दिलाई जाती है।
अधिकारियों से प्रशंसा पाकर भूल गई चोटें
सम्मान प्राप्त करने के बाद सुनीता भारद्वाज ने कहा कि जब कोई अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाता है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस तरह से उसे सराहा और सम्मानित किया जाता है तो सभी कठिनाइयां क्षणभर में छोटी प्रतीत होती हैं।
उन्होंने कहा कि पथराव की घटना के दौरान मुझे काफी चोटें तो आई थीं, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि उस घटना को भूल चुकी हूं।






