Tiger death case: सूरजपुर जिले के रेवटी जंगल में सोमवार को संदिग्ध हालत में मिला था बाघ का शव, मौत को लेकर आ रहीं कई तरह की बात
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में बाघों की मौत का सिलसिला जारी है। कोरिया जिले में 7 माह पूर्व एक बाघ का शव मिला था। इस मामले में कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी थी। इसी बीच 15 दिसंबर को सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत भैसामुंडा सर्किल के रेवटी क्षेत्र में एक नर बाग का शव (Tiger death case) संदिग्ध अवस्था में मिला। बाघ के शव पर चोट के निशान भी देखे गए हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी मौत कैसे हुई है। आज उसके शव का पीएम एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम करेगी। इसके बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
जिन ग्रामीणों ने बाघ का शव (Tiger death case) देखा, उनका कहना था कि बाघ के नाखून गायब हैं, लेकिन सूरजपुर DFO ने बाघ के सभी अंग सुरक्षित होने का दावा किया है। बाघ का शव 3 से 4 दिन पुराना बताया जा रहा है, ऐसे में यह आशंका खारिज हो जाती है कि तस्करों ने बाघ का शिकार किया होगा।

यदि शिकारियों द्वारा यह कृत्य किया गया होता तो बाघ के खाल समेत अन्य ऑर्गेंस भी गायब होते। हालांकि बाघ के शव के पास ही कपड़े में लिपटा लोहे का एक हथियार भी मिला है। बाघ (Tiger death case) का एक नाखून के गायब होने से शिकार या तस्करी की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
इन सवालों के घेरे में वन विभाग
बाघ का शव मिलने की सूचना पर वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बलरामपुर और सूरजपुर के आला अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे थे। वहीं 3 दिन पुराना शव (Tiger death case) होने को लेकर वन अमले की जंगल में मौजूदगी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं बाघ यदि उक्त जंगल में पहुंचा तो विभाग उसे ट्रेस क्यों नहीं कर पाई, यह भी एक सवाल है।
यह विभागीय अमले की एक बड़ी लापरवाही मानी जा सकती है, क्योंकि बाघ के आने की सूचना नहीं होने से उस क्षेत्र के ग्रामीणों को भी आगाह नहीं किया जा सका। ऐसे में यदि बाघ ने जनहानि पहुंचाई होती तो उसका जिम्मेदार कौन होता?
Tiger death case: DFO का है ये कहना
बाघ का शव (Tiger death case) मिलने के बाद सूरजपुर DFO तुलेश्वर सिंह का कहना है कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं। आज शव का NTCA की गाइडलाइन के अनुसार 4 एक्सपर्ट की मौजूदगी में पीएम किया जाएगा।






