Loot in Ambikapur: अंबिकापुर कोतवाली पुलिस रात में ही की घेराबंदी, अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी हुआ फरार, लूट की रकम पुलिस ने कर ली बरामद
अंबिकापुर। शहर के सतीपारा स्थित रानी सती मंदिर के पास रविवार की रात मोबाइल के थोक व्यापारी के सिर पर डंडा मारकर उसके बैग समेत 18 लाख रुपए लूटकर (Loot in Ambikapur) एक युवक फरार हो गया था। घायल व्यापारी को लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना पर कोतवाली पुलिस ने रात में ही घेराबंदी की। इस दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने बैग समेत 18 लाख रूपए बरामद कर लिए। व्यवसायी के दुकान से निकाले गए कर्मचारी ने ही वारदात को अंजाम दिया था। सीसीटीवी में वारदात कैद हुई है।

शहर के व्यापारी अनिल अग्रवाल 50 वर्ष की राम मंदिर रोड में अग्रवाल इंटरप्राइजेज नाम से मोबाइल की होलसेल दुकान है। मोबाइल शॉप के सब डीलरों से उसने रविवार को करीब 15 से 20 लाख (Loot in Ambikapur) का कलेक्शन किया था।
उक्त रुपयों को एक बैग में रखकर वह रविवार की रात 9.30 बजे दुकान बंद कर स्कूटी से अपने घर (Loot in Ambikapur) जा रहा था। वह सतीपारा स्थित रानी सती मंदिर रोड के पास पहुंचा ही था कि पहले से घात लगाकर बैठे एक युवक ने बांस के डंडे से उसके सिर पर पीछे से प्रहार कर दिया।

इससे सिर से खून बहने लगा और वह मौके पर ही गिर गया। इसी बीच आरोपी रुपयों से भरा बैग लूटकर (Loot in Ambikapur) फरार हो गया था। व्यापारी के अनुसार बैग में 15 से 20 लाख रुपए थे। इसकी सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई, इसपर पुलिस तत्काल हरकत में आ गई।
सीसीटीवी में कैद वारदात, लूट की रकम बरामद
पुलिस ने इलाके की पहले घेराबंदी की फिर घटना स्थल के आसपासके फुटेज खंगाले। इसमें एक युवक घटनास्थल से रुपयों से भरा बैग लेकर भागता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दौरान पल्सर सवार एक युवक भी वहां से तेजी से भागता दिखाई दिया।
इस आधार पर पुलिस (Loot in Ambikapur) दबिश देकर आरोपी को पकड़ने पहुंची, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वह वहां से भाग निकला। लेकिन पुलिस ने रुपयों से भरा बैग बरामद कर लिया। बैग में 18 लाख रुपए थे।
Loot in Ambikapur: पूर्व कर्मचारी ही निकला आरोपी
पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है। आरोपी व्यवसायी अनिल अग्रवाल के दुकान का पूर्व कर्मचारी ही निकला। बताया जा रहा है कि मोबाइल शॉप में चोरी (Loot in Ambikapur) के शक में उसे कुछ दिनों पूर्व ही नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी वजह से उसने वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी को पता था कि दुकानें कलेक्शन के लाखों रुपए रोज आते हैं। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। आरोपियों की संख्या एक से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। बाकी का खुलासा पुलिस जल्द ही करनेवाली है।






