DMFT Scam: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से जुड़े करीब 25 करोड़ रुपये के कथित फर्जी हस्तांतरण और गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।
कोरबा। DMFT Scam: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) कोरबा से जुड़े करीब 25 करोड़ रुपये के कथित फर्जी हस्तांतरण और गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में भारत सरकार के खान मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने इस संबंध में प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खनन मंत्रालय द्वारा 2 दिसंबर 2025 को जारी पत्र के अनुसार, यह मामला वर्ष 2018 का बताया गया है। आरोप है कि उस समय कोरबा जिले के तत्कालीन कलेक्टर अब्दुल कैसर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए DMFT के बैंक खाते से 25 करोड़ रुपये का फर्जी तरीके से हस्तांतरण कराया।
SBI रायपुर से CIPET के नाम पर ट्रांसफर
दस्तावेज़ों के अनुसार, 18 सितंबर 2018 को यह राशि भारतीय स्टेट बैंक, आईटीआई कॉलोनी, रायपुर स्थित DMFT खाते से केंद्रीय पेट्रोसाइंस अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) के खाते में स्थानांतरित दिखाई गई।
RTI जवाब से खुली फर्जीवाड़े की परत
मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ, जब सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत CIPET ने 20 नवंबर 2024 को दिए गए अपने आधिकारिक जवाब में स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 की अवधि के दौरान DMFT कोरबा से CIPET को किसी भी प्रकार की राशि प्राप्त नहीं हुई। इस जवाब के बाद 25 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर को लेकर संदेह और गहरा गया है और इसे फर्जी खाते में राशि स्थानांतरण का गंभीर मामला माना जा रहा है।
भाजपा नेता नरेश गुप्ता की शिकायत पर केंद्र ने लिया संज्ञान
इस पूरे प्रकरण की शिकायत भाजपा नेता एवं अधिवक्ता नरेश गुप्ता द्वारा 9 दिसंबर 2025 को खान मंत्रालय को भेजे गए प्रतिवेदन के जरिए की गई थी। शिकायत में इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अब खनिज संसाधन विभाग (सचिवालय), छत्तीसगढ़ शासन को आधिकारिक पत्र भेजकर मामले की तत्काल जांच और दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।






