बड़ी सौगात: पद्म सम्मानितों की मासिक सम्मान राशि दोगुनी, जानिए अब कितनी मिलेगी…

On: Monday, January 12, 2026 7:24 PM
छत्तीसगढ़ के पद्म सम्मानितों को बड़ी सौगात, मासिक सम्मान राशि हुई दोगुनी, अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये
ad

Breaking News: पद्मश्री सम्मान से अलंकृत छत्तीसगढ़ की विभूतियों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि को अब दोगुना कर दिया गया है। अब यह राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है।

रायपुर। CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश का नाम रोशन करने वाली विभूतियों को सम्मान के साथ बड़ी राहत देने का फैसला किया है। पद्मश्री सम्मान से अलंकृत छत्तीसगढ़ की हस्तियों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि अब दोगुनी कर दी गई है।

पहले जहां सरकार की ओर से प्रतिमाह 5 हजार रुपये दिए जाते थे, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। सरकार के (CG News) इस फैसले से न केवल पद्म सम्मानितों में उत्साह है, बल्कि उनके परिवारजनों में भी खुशी और गौरव का माहौल देखने को मिल रहा है।

क्या है पद्म अवार्ड?

पद्म पुरस्कार, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री अवार्ड के नाम से जाना जाने वाला यह अवार्ड भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार, कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, खेल, उद्योग, सामाजिक सेवा, और सार्वजनिक मामलों जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इस अवार्ड में जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए योग्य हैं। इसमें डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए योग्य नहीं हैं।

Read More: एक साथ उठेगी पिता-पुत्र की अर्थी, इस दर्दनाक हादसे ने छीनी दो जिंदगियां… गांव में पसरा मातम

कब शुरू हुए पद्म पुरस्कार?

भारत रत्न के बाद देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में पद्म पुरस्कारों का स्थान आता है। पद्मविभूषण, पद्मभूषण और पद्मश्री ये तीनों सम्मान भारत सरकार ने वर्ष 1954 में शुरू किए थे। हालांकि, 1955 में इन्हें औपचारिक रूप से वर्तमान नाम दिए गए। हर साल इनमें सबसे अधिक संख्या पद्मश्री पुरस्कारों की होती है।

जानें कैसे किया जाता है चयन?

पद्म पुरस्कारों के लिए हर साल आवेदन और नामांकन की प्रक्रिया होती है। कोई भी व्यक्ति यह मानता है कि उसने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, तो वह आवेदन कर सकता है। इसके अलावा किसी व्यक्ति, संस्था, सांसद, विधायक या मंत्री द्वारा भी किसी नाम की सिफारिश की जा सकती है। सभी प्रस्तावों की गहन जांच के बाद भारत सरकार द्वारा गठित चयन समिति अंतिम निर्णय लेती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now