जशपुर। Jashpur Plane Crash: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्राइवेट विमान क्रैश होने की जो खबर सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैली थी, वह पूरी तरह गलत और भ्रामक साबित हुई है। जिला प्रशासन ने जांच के बाद स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विमान हादसा नहीं हुआ है।
धुएं को लेकर फैली थी भ्रम की स्थिति
नारायणपुर-चारभाठी इलाके की पहाड़ियों में सोमवार दोपहर धुआं उठता देखा गया था, जिसके बाद कुछ लोगों ने इसे विमान दुर्घटना से जोड़कर अफवाह फैला दी। इस सूचना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच के दौरान वहां विमान दुर्घटना से जुड़ा कोई भी साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे क्षेत्र की जांच की।
जंगल में सूखे पत्तों में लगी आग के कारण उठ रहा था धुआं
प्रशासन ने बताया कि जो धुआं देखा गया था, वह संभवतः जंगल में सूखे पत्तों में लगी आग के कारण उठ रहा था। इसके अलावा क्षेत्र में खनिज सर्वे के लिए उड़ रहे हेलीकॉप्टर को देखकर भी कुछ लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सरकार ने भी किया खंडन
राज्य सरकार ने भी इस मामले में बयान जारी कर स्पष्ट किया कि जशपुर जिले में किसी भी तरह के विमान क्रैश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह गलत साबित हुई हैं।
वायरल वीडियो और अफवाहें
इस घटना से जुड़ा एक 9 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें पहाड़ी क्षेत्र से धुआं उठता दिखाई दे रहा था। इसी वीडियो के आधार पर विमान हादसे की अफवाहें फैल गईं। साथ ही पायलट और को-पायलट की मौत जैसे दावे भी वायरल हुए, जिन्हें प्रशासन ने पूरी तरह निराधार बताया है।
कलेक्टर ने कही यह बात
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि ओडिशा, झारखंड या छत्तीसगढ़ के किसी भी हिस्से से किसी विमान के लापता होने की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें।
