Balodabazar violence case: पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को गिरफ्तार किया है।
बलौदाबाजार। Balodabazar violence case: बलौदाबाजार जिले में 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि बलौदाबाजार में हुई हिंसक घटनाओं में अमित बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पुलिस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कोतवाली पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसके बाद उनकी विधिवत गिरफ्तारी की गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल 201 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रोडक्शन वारंट पर लाई गई पुलिस
बताया जा रहा है कि अमित बघेल को बलौदाबाजार पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के तहत रायपुर सेंट्रल जेल से गिरफ्तार कर बलौदाबाजार लाया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक इस बात पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि घटना के लगभग 19 महीने बाद अमित बघेल की गिरफ्तारी किन ठोस आधारों पर की गई है।
गिरफ्तारी पर अमित बघेल का पलटवार
अपनी गिरफ्तारी को लेकर अमित बघेल ने इसे भाजपा और कांग्रेस की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ियों की आवाज को दबाना चाहती है और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के बढ़ते प्रभाव से घबराकर इस तरह की कार्रवाई कर रही है।
अमित बघेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उन्होंने आंदोलन का नैतिक समर्थन किया था, लेकिन हिंसा या आगजनी की किसी भी घटना का समर्थन नहीं किया। उनका कहना है कि, 19 महीने बाद अचानक मेरी संलिप्तता दिखना पूरी तरह से षड्यंत्र है। घटना के दिन मैं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वहां मौजूद था, लेकिन आगजनी कांड से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।”
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रकांत यदु ने कहा कि सरकार चाहे जितना दबाव बनाए, संगठन डरने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आने वाले समय में इस कार्रवाई का जवाब लोकतांत्रिक और मजबूत तरीके से दिया जाएगा।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि इससे पहले छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और संगठन मंत्री दिनेश वर्मा को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। कोतवाली थाना और आज़ाद चौक थाना क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
समर्थकों में आक्रोश
अमित बघेल की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
10 जून 2024 को बलौदाबाजार स्थित संयुक्त जिला कार्यालय में अचानक हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। हिंसक भीड़ द्वारा सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस हिंसा और आगजनी में करीब 12.53 करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू किया।
आगे और गिरफ्तारियों के संकेत
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की गिरफ्तारी भी संभव है। बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में दो महिला पदाधिकारी समेत तीन अन्य प्रमुख चेहरे भी आ चुके हैं।






