Bulldozer Action: नगर निगम रायपुर द्वारा जोन-8 क्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने वेदांता वाटिका इलाके में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की।
रायपुर। Bulldozer Action: छत्तीसगढ़ में इस समय प्रशासन अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहा है। राज्य के अलग-अलग जिलों में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई तेज कर दी गई है। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान अब कई मानवीय और सामाजिक सवाल भी खड़े होने लगे हैं, खासकर तब जब माओवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों के आशियाने भी इसकी जद में आ रहे हैं।
वेदांता वाटिका में चला प्रशासन का बुलडोजर
इसी कड़ी में नगर निगम रायपुर द्वारा जोन-8 क्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने वेदांता वाटिका इलाके में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में नगर निगम का अमला, पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
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बीजापुर में 120 घरों पर चला बुलडोजर
हाल ही में बीजापुर जिले में हुई कार्रवाई ने प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता के मुद्दे को भी केंद्र में ला दिया है। 18 जनवरी को बीजापुर के नए बस स्टैंड के पीछे बसे अस्थायी मोहल्ले में दो दिनों तक चली बुलडोजर कार्रवाई में करीब 120 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने इसे अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बताया है, लेकिन इस मोहल्ले में रहने वाले लोगों का दावा है कि वे माओवादी हिंसा से प्रभावित होकर यहां शरण लेने आए थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ये वे परिवार हैं जिन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में अपने गांव, जमीन और परिजनों को खो दिया और किसी तरह जान बचाकर शहर में सुरक्षित जीवन की उम्मीद के साथ यहां बस गए थे। बुलडोजर कार्रवाई ने न केवल उनके कच्चे-पक्के घर तोड़े, बल्कि उनके सपनों, भरोसे और भविष्य को भी गहरा आघात पहुंचाया है। अब इन टूटे घरों के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि यहां रहने वाले लोग वास्तव में माओवादी हिंसा से प्रभावित थे या फिर महज़ अतिक्रमणकारी।






