Parsa coal block: ग्रामसभा की अनदेखी कर कोल खदान संचालन पर आदिवासी नेता डॉ. विक्रांत भूरिया ने बोला हमला, पूर्व अजजा आयोग के अध्यक्ष ने दी गाली, भड़के लोग

On: Tuesday, January 20, 2026 8:34 PM
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Parsa coal block: कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता सड़क मार्ग से पहुंचे थे उदयपुर के कोल ब्लॉक प्रभावित गांव हरिहरपुर, ग्रामीणों ने की चर्चा, कहा- हसदेव का सच सदन से लेकर पूरे देश तक रखेंगे

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर अंतर्गत कोल प्रभावित ग्राम हरिहरपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता डॉ. विक्रांत भूरिया सड़क मार्ग से बिलासपुर होते हुए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बगैर ग्राम सभा के प्रस्तावों के कोयला खदानों के संचालन, बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और संविधान एवं पेसा कानून की अनदेखी को लेकर राज्य सरकार और खनन एजेंसियों पर कड़ा हमला बोला। इधर अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह का कोल ब्लॉक के समर्थन में ग्राम साल्ही मोड़ पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से विवाद हो गया। विवाद भानुप्रताप सिंह द्वारा गाली देने के बाद उपजा। इस दौरान मौके पर मौजूद उदयपुर थाना प्रभारी ने मामले को संभाला।

ग्राम हरिहरपुर पहुंचे डॉ. भूरिया ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ा है। हसदेव अरण्य क्षेत्र में खनन के नाम पर स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति को दरकिनार किया जा रहा है, जो संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को विधानसभा और संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि पूरा देश हसदेव का सच जाने। चर्चा के दौरान बलरामपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने खनन से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखीं।

ग्रामीणों ने बताया कि खदानों के विस्तार से जल, जंगल, जमीन, आजीविका, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के बिना आगे बढ़ाए जा रहे प्रोजेक्ट्स से विश्वासघात की स्थिति बन रही है।

PEKB, PCB और केते एक्सटेंशन पर उठे सवाल

डॉ. भूरिया ने परसा ईस्ट–केंटे बासन (PEKB), परसा सेंट्रल ब्लॉक (PCB) और केते (Kete) एक्सटेंशन परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में खनन स्वीकृतियों, पर्यावरणीय शर्तों और ग्राम सभा की भूमिका को लगातार कमजोर किया जा रहा है। हसदेव अरण्य जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में परियोजनाओं के विस्तार से जैव विविधता और स्थानीय समुदायों का भविष्य खतरे में है।

RVUNL को आबंटन, अदानी MDO के माध्यम से संचालन

उन्होंने बताया कि हसदेव क्षेत्र की कोयला परियोजनाएं राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) को आबंटित हैं, जबकि इनका संचालन माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (MDO) के रूप में अदानी समूह द्वारा किया जा रहा है। संचालन के दौरान स्थानीय सहमति, पारदर्शिता और कानूनों के पालन को प्राथमिकता नहीं दी जा रही, जो गंभीर चिंता का विषय है।

Parsa coal block: राहुल गांधी के समक्ष रखेंगे पूरी बात

डॉ. भूरिया ने कहा कि वे राहुल गांधी से मुलाकात कर सरगुजा संभाग में खनिज संसाधनों के दोहन के नाम पर संविधान, पेसा कानून और नियमों की अनदेखी की वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जा सके।

कांग्रेस नेतृत्व में हुआ आयोजन

कार्यक्रम का आयोजन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सूरजपुर शशि सिंह और भानु प्रताप सिंह (पूर्व अध्यक्ष, एसटी-एससी आयोग) के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर रामलाल, मुनेश्वर, सुनीता, विद्या सागर आयम, त्रिभुवन सिंह, जगत आयम, संतोष पावले, शिवभजन मरावी, आनंद कुंवर, रामलखन सिंह, रामकुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

भानुप्रताप सिंह ने दी गाली

वहीं ग्राम साल्ही मोड़ पर सड़क जाम कर कोल ब्लॉक का समर्थन कर रहे लोगों ने अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी मर्जी से जमीन देकर नौकरी कर रहे हैं।

इस बीच किसी बात पर भानुप्रताप सिंह ने एक जनप्रतिनिधि को गाली दे दी। इससे मामला और भड़क गया। बाद में पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।

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