Mother-child died: डिलीवरी रूम में क्या हुआ? सब ठीक होने के बावजूद जच्चा-बच्चा की चली गई जान, मचा बवाल

On: Wednesday, January 21, 2026 2:07 PM
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Mother-child died: इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों में आक्रोश है…

अंबिकापुर। Mother-child died: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह पूरा मामला पोड़ी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एमसीबी जिले के ग्राम साजा पारा निवासी धर्मेंद्र सिंह की शादी वर्ष 2017 में गीता सिंह (उम्र लगभग 30 वर्ष) से हुई थी। गीता सिंह पहले से ही दो बच्चों की मां थीं और दोनों बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव के जरिए हुआ था।

प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती

सोमवार को गीता सिंह को तीसरे बच्चे के लिए अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन तत्काल उन्हें पोड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच की और महिला की स्थिति को गंभीर बताते हुए उसे जिला अस्पताल बड़ा बाजार रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद गीता सिंह को डिलीवरी वार्ड में भर्ती किया गया। चूंकि यह वार्ड प्रतिबंधित क्षेत्र था, इसलिए पति और अन्य परिजनों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

अचानक बिगड़ी हालत

मृतका के पति धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि भर्ती के कुछ समय बाद ही उनकी पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन इसके बावजूद उसकी हालत लगातार खराब होती चली गई। पति का आरोप है कि महिला के हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे थे, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। काफी देर तक स्थिति संभलने के बाद भी कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। देर रात करीब 1 बजे अस्पताल प्रबंधन ने महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया।

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इलाज के दौरान मौत

मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने से पहले या इलाज के दौरान ही गीता सिंह और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों का आरोप और पुलिस जांच

परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते सही इलाज और उचित निगरानी की जाती तो महिला और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते यह दुखद हादसा हुआ। मामले की जानकारी मिलते ही पोड़ी थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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