Police Commissioner: राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि बहुत जल्द पूरे रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की जाएगी।
रायपुर। CG Police Commissioner: रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लेकर प्रदेशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि बहुत जल्द पूरे रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी अहम जानकारी
इधर, गृहमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस विषय पर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पहले ही इस संबंध में बैठक हो चुकी है और निर्णय लिया जा चुका है। अब इस व्यवस्था को पूरे रायपुर जिले में लागू करने की तैयारी है। जिले के समग्र दृष्टिकोण से योजना पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में पुलिस आयुक्त (कमिश्नरेट) प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की दिशा में प्रशासन तेजी से आगे बढ़ रहा है।
23 जनवरी से प्रभावी होने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, 23 जनवरी से रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली औपचारिक रूप से लागू की जा सकती है। बताया जा रहा है कि इसकी अधिसूचना आज शाम तक जारी होने की संभावना है। बता दें कि दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किए जाने की प्रबल संभावना है। हालांकि अंतिम क्षणों में परिस्थितियों ने करवट बदली तो सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा का नाम भी विकल्प के तौर पर सामने आ सकता है।
पुलिस कमिश्नर को मिल सकते हैं ये अधिकार
नई पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के तहत पुलिस कमिश्नर को विभिन्न कानूनों के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं-
- कैदी अधिनियम, 1900 – विशेष परिस्थितियों में बंदियों को अल्प अवधि के लिए पैरोल पर रिहा करने का अधिकार।
- छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम, 2007 – धरना, प्रदर्शन, जुलूस व सभाओं की अनुमति तथा निषेधाज्ञा लागू करने का अधिकार।
- विष अधिनियम, 1919 – अवैध जहर भंडारण या बिक्री पर तलाशी वारंट जारी करने की शक्ति।
- जेल अधिनियम, 1894 – जेलों की सुरक्षा व्यवस्था व बंदियों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई।
- अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 – देह व्यापार से जुड़े मामलों में छापेमारी व जांच के आदेश।
- गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1967 – प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन का अधिकार।
- राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 – असामाजिक तत्वों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई।
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 – यातायात संचालन, मार्ग निर्धारण और भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण।
- राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 – सार्वजनिक व्यवस्था या आंतरिक सुरक्षा पर खतरे की स्थिति में निरुद्ध करने का अधिकार।
- ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 – जासूसी की आशंका पर संवेदनशील सूचनाओं की जांच।
- विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 – विस्फोटक व ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, परिवहन और उपयोग पर नियंत्रण।






