Breaking News: डिलीवरी के बाद आदिवासी महिला और नवजात की मौत, परिजनों ने जमकर मचाया उत्पात, जानें क्या कहा?

On: Monday, January 26, 2026 7:16 PM
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Breaking News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां डिलीवरी के बाद आदिवासी महिला और नवजात की मौत हो गई।

गरियाबंद। Breaking News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां डिलीवरी के बाद आदिवासी महिला और नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी, जिसके बाद डॉक्टरों के कहने पर परिजनों ने नवजात के शव को दफना दिया। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

मृतिका के भाई ने कही ये बात

मृतिका के भाई राजकुमार ध्रुव ने आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें जानकारी दी गई थी कि नवजात का गला कटा हुआ था। साथ ही उन्होंने कहा कि डिलीवरी के दौरान भी गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते प्रसूता की स्थिति नाजुक हो गई और उसे रायपुर भेजना पड़ा। राजकुमार ध्रुव ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों और नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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अस्पताल के संचालक ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया

इधर, अस्पताल के संचालक ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था और सुबह तक उसकी स्थिति सामान्य थी। शाम के समय महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल संचालक के अनुसार नवजात की मृत्यु के बाद बच्चे के शव को परिजनों को सौंप दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। CMHO डॉ. यू.एस. नवरत्ना ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए गायनेकोलॉजिस्ट की अध्यक्षता में वरिष्ठ डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। इस जांच टीम में गायनेकोलॉजी, सर्जरी, मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। कुल पांच डॉक्टरों की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और आदिवासी समाज न्याय की मांग कर रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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