Paddy News: गांधीनगर वार्ड नंबर 2 में लाखों रुपये के एक्सपायरी धान की तस्करी का खुलासा हुआ है। यहां पुराने और सीलबंद प्लास्टिक पैकेट में रखे धान को फाड़कर नए बोरे में भरने का गोरखधंधा चल रहा था।
अंबिकापुर। CG Paddy News: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य सरकार द्वारा तय समय-सीमा के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक किसानों से धान की खरीदी की जानी है। जैसे-जैसे यह डेडलाइन नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे अवैध धान खपाने वाले माफिया और तस्कर भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के अंबिकापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, गांधीनगर वार्ड नंबर 2 में लाखों रुपये के एक्सपायरी धान की तस्करी का खुलासा हुआ है। यहां पुराने और सीलबंद प्लास्टिक पैकेट में रखे धान को फाड़कर नए बोरे में भरने का गोरखधंधा चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, यह धान अवैध रूप से समिति में खपाने की तैयारी में था। मौके से करीब 300 बोरी धान बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 72 हजार रुपये बताई जा रही है।
ऐसा हुआ मामला का खुलासा
इस पूरे मामले का पर्दाफाश यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आशीष शील ने स्थानीय जागरूक नागरिकों के साथ मिलकर किया। बताया गया कि रात के अंधेरे में इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। धान को समिति तक पहुंचाने के लिए वाहन भी किराए पर बुला लिया गया था। जैसे ही वाहन में लोडिंग की तैयारी शुरू हुई, उसी समय आशीष शील आसपास के लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे और अवैध गतिविधियों का खुलासा कर दिया।
देखें Video
मकान के भीतर बड़ी संख्या में धान से भरी बोरियां, तौल मशीन और सैकड़ों खाली पैकेट पाए गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सीलबंद पैकेट से धान निकालकर नए बोरे में भरा जा रहा है। वहीं एक कमरे में बड़ी मात्रा में खाली पैकेट पड़े हुए हैं।
पुराने पैकेटों को आग में जलाने की भी कोशिश
सबूत मिटाने के इरादे से पुराने पैकेटों को आग में जलाने की भी कोशिश की गई। एक वीडियो में जलते हुए प्लास्टिक पैकेट भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे साफ है कि आरोपी अपने गुनाहों के निशान मिटाने में जुटे हुए थे। खाली पैकेटों को रातों-रात ठिकाने लगाने की योजना भी बनाई गई थी। इस मामले में सुभाषनगर स्कूल पारा निवासी केसव मंडल और ब्रिज किशोर सिंह को आरोपी बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर चंद्रकांत ध्रुव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 300 बोरी धान जब्त किया। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस फर्जीवाड़े ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये मूल्य के धान के पैकेट आखिर आए कहां से। इतनी बड़ी मात्रा में धान की तस्करी की जानकारी जिला प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग के अमले को पहले क्यों नहीं लगी। साथ ही यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं यह धान किसी सरकारी विभाग या योजना से तो नहीं जुड़ा हुआ है।






