CG News: 26 जनवरी को पूरे देश के साथ गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया जा रहा था। इसी बीच बिलासपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
बिलासपुर। CG News: छत्तीसगढ़ में 26 जनवरी को पूरे देश के साथ गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया जा रहा था। इसी बीच बिलासपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। मस्तूरी जनपद क्षेत्र के पाराघाट स्थित राशि स्टील प्राइवेट लिमिटेड परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान तिरंगा झंडा फहराने के समय गंभीर लापरवाही देखने को मिली।
समारोह के दौरान तिरंगे के अपमान का मामला
जानकारी के अनुसार, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के दौरान जब एक कर्मचारी द्वारा झंडा फहराने के लिए रस्सी खींची गई, तो तिरंगा अचानक फिसलकर सीधे जमीन पर गिर गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद चौंकाने वाला था। इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के समय कंपनी के डायरेक्टर रोहित अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, जीएम चिंटू मिश्रा सहित सैकड़ों कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद तिरंगे की सुरक्षा और ध्वजारोहण की व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक सामने आना प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
औद्योगिक संस्थान पहले भी विवादों में रहा
गौरतलब है कि भारतीय ध्वज संहिता (फ्लैग कोड ऑफ इंडिया) के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज का जमीन को छूना या गिरना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है। ऐसे में इस घटना ने कंपनी प्रबंधन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि संबंधित औद्योगिक संस्थान पहले भी विवादों में रहा है। पूर्व में राष्ट्रीय नारों के स्थान पर संस्थान के जयकारे लगाए जाने जैसी घटनाओं को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। अब एक बार फिर इस घटना ने जनमानस में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान जैसी गंभीर चूक के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इस पूरे मामले की जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, समाचार लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।






