Sunil Soni Threat Call: राजधानी में साइबर ठगों की एक बेहद चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी को आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए फंसाने की कोशिश की।
रायपुर। Sunil Soni Threat Call: राजधानी में साइबर ठगों की एक बेहद चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी को आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए फंसाने की कोशिश की।
कॉलर ने आतंकवाद से जुड़े एक गंभीर मामले का नाम लेकर दबाव बनाया, लेकिन विधायक की सतर्कता के कारण ठगी का प्रयास नाकाम हो गया। मामले की शिकायत साइबर थाना में दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच में जुट गई है।
Sunil Soni Threat Call: कश्मीर हमले का हवाला देकर डराया
जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम विधायक सोनी के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी बताते हुए कहा कि कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले की जांच के दौरान विधायक का मोबाइल नंबर ट्रेस हुआ है और इसी नंबर से कई संदिग्ध कॉल किए गए हैं।
पहले तो अचानक ऐसी जानकारी मिलने पर विधायक घबरा गए, लेकिन बातचीत के दौरान उन्हें शक हुआ कि यह एक साइबर फ्रॉड हो सकता है। कॉलर लगातार गंभीर लहजे में आरोप दोहराता रहा और पूछताछ के लिए आईबी कार्यालय तलब करने की बात कहता रहा। यहां तक कि वह “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा।
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विधायक ने कॉल काटकर पुलिस को दी सूचना
जब विधायक ने अपनी असली पहचान बताई और आरोपों को खारिज किया, तब भी ठग अपनी बात पर अड़ा रहा तथा लंबी बातचीत के जरिए भ्रम पैदा करने की कोशिश करता रहा। स्थिति संदिग्ध लगने पर विधायक ने तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया और पूरा मामला रायपुर साइबर थाना और एसएसपी लाल उमेद सिंह को जानकारी देकर साझा किया।
पुलिस के निर्देश पर विधायक ने पूरी घटना का विवरण लिखित रूप में साइबर सेल के अधिकारी मित्तल को भेज दिया है। अब साइबर टीम कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
विधायक ने लोगों से की अपील
घटना के बाद विधायक सुनील सोनी ने नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि “ऐसे मामलों में घबराने की जरूरत नहीं है। ठग लोग इस तरह बात करते हैं कि आम आदमी तुरंत डर जाए। लेकिन समझदारी यही है कि तुरंत पुलिस को सूचना दें। इससे ही बचाव संभव है।”
डिजिटल अरेस्ट का चल रहा नया फ्रॉड पैटर्न
बीते दिनों देशभर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड तेजी से बढ़ा है, जिसमें अपराधी सरकारी अधिकारी बनकर किसी बड़ी घटना का हवाला देकर लोगों को घंटों कॉल पर रोककर धोखा देते हैं। कई मामलों में लोगों के पैसे तक निकलवा लिए गए हैं।






