CG Police: राजस्थान में 4 दिन तक छत्तीसगढ़ पुलिस को बेचने पड़े कंबल व मूंगफली, चलाया ठेला, जानिए क्या है पूरा मामला

On: Tuesday, December 10, 2024 10:45 AM
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CG Police: 4 दिन तक रेकी करने के बाद पुलिस को मिली सफलता, चिटफंड कंपनी के 4 डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लाया गया सूरजपुर, 29 लोगों से की थी 17 लाख 28 हजार की धोखाधड़ी

सूरजपुर। चिटफंड कंपनी द्वारा सूरजपुर जिले के 29 लोगों को 1 साल में 2-3 गुना रुपए करने का झांसा दिया था। झांसे में आकर 29 लोगों ने 17 लाख 28 हजार रुपए निवेश किए थे। इसके बाद कंपनी के 5 डायरेक्टर रुपए लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में अप्रैल 2023 में सूरजपुर एसडीएम ने कलेक्टर के माध्यम से ठगी संबंधी एक प्रतिवेदन एसपी (CG Police) को भेजा था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने एक टीम का गठन किया। इनपुट के आधार पर पुलिस टीम (CG Police) को उन्होंने आरोपियों की धरपकड़ के लिए राजस्थान के भीलवाड़ा भेजा। यहां पुलिसकर्मी मजदूर, ठेला चालक व कंबल बेचने वाले बनकर आरोपियों की रेकी की। इसके बाद चारों को दबोच लिया। एक डायरेक्टर की मृत्यु हो चुकी है। पुलिस ने सोमवार को उन्हें बिश्रामपुर थाने से कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिला स्थित अभिपवा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा सूरजपुर (CG Police) जिले के 29 लोगों को यह झांसा दिया था कि उनकी कंपनी में पैसे लगाने पर 1 साल में डबल या तीगुना हो जाएंगे। झांसे में आकर उन्होंने 17 लाख 28 हजार 366 रुपए इन्वेस्ट किए थे। फिर रुपए लेकर कंपनी फरार हो गई थी।

इस मामले में की शिकायत निवेशकों ने प्रशासन व पुलिस से की थी। अप्रैल 2023 में एसडीएम सूरजपुर द्वारा चिटफंड कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने प्रतिवेदन कलेक्टर के माध्यम से एसपी का ेप्रेषित किया था। तात्कालीन एसपी ने विश्रामपुर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने कहा था।

इस पर विश्रामपुर पुलिस (CG Police) ने 28 अगस्त 2023 को कंपनी के डायरेक्टर कपिल जैन, महेश कुमार सेन निवासी भीलवाड़ा राजस्थान एवं अन्य के विरूद्ध धारा 420, 34, ईनामी चिटफंड धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) की धारा 4, 5, 6 एवं छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

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Police arrested Chitfund company 4 director

एसएसपी ने टीम को भेजा राजस्थान

इधर सूरजपुर एसएसपी (CG Police) प्रशांत कुमार ठाकुर ने विश्रामपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर राजस्थान के भीलवाड़ा भेजा। यहां पुलिस की टीम 4 दिन तक कैंप कर आरोपियों की खोजबीन में लगी रही। इसी बीच पुलिस ने अभिपवा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के 4 डायरेक्टरों को उनके ठिकानों से धरदबोचा। पूछताछ में उन्होंने ठगी की बात स्वीकार की।

इसके बाद पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर बिश्रामपुर लेकर आई। यहां से सोमवार को कोर्ट के आदेश पर चारों को जेल भेज दिया गया। कार्रवाई पर एसएसपी ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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CG Police: इन 4 डायरेक्टर को पुलिस ने दबोचा

जिन 4 डायरेक्टरों को पुलिस (CG Police) ने गिरफ्तार किया है, उनमें राजस्थान के भीलवाड़ा जिला के सुभाषनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चित्रकूटनगर निवासी दिनेन्द्र कुमार दधीच पिता स्व. रामचन्दर जी शास्त्री 65 वर्ष, अनंत दधीच पिता दिनेन्द्र कुमार दधीच 36 वर्ष, भीलवाड़ा के चंद्रशेखर निवासी कपिल जैन पिता दिनेश जैन 35 वर्ष तथा भीलवाड़ा जिले के प्रतापनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बापूनगर निवासी महेश कुमार सेन पिता रामचन्दर सेन 35 वर्ष शामिल हैं।

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Chit fund company directors arrested from Rajsthan

मजदूर, कंबल विक्रेता व ठेला चालक बनी पुलिस

बिश्रामपुर पुलिस (CG Police) की टीम ने आरोपियों को दबोचने जाल बिछाया था। उन्होंने भीलवाड़ा राजस्थान में लगातार 4 दिनों तक वहां का रहवासी-मजदूर बनकर, कम्बल बेचने वाला एवं ठेला चलाने वाला बनकर आरोपियों की हर गतिविधियों पर नजर बनाए रखा।

इसके बाद पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया। पूछताछ में गिरफ्तार 2 आरोपियों द्वारा ठगी की रकम को खर्च कर देना एवं 2 अन्य आरोपियों द्वारा एसयूवी कार खरीदने की बात स्वीकार की गई। पुलिस ने आरोपी दिनेन्द्र दधीच के कब्जे से एसयूवी 700 क्रमांक आरजे 06 यूसी 6669 जब्त किया है।

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एक आरोपी की हो चुकी है मौत

पुलिस (CG Police) की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अनंत दधीच के साले सुनील ब्यास के साथ दिनेन्द्र दधीच, कपिल जैन, महेश कुमार सेन व अन्य द्वारा वर्ष 2013 में अभिपवा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड नाम से फर्जी कंपनी बनाया था।

इसमें इन चारों के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी डायरेक्टर था। इन सभी ने 29 लोगों से 17 लाख 28 हजार 366 रुपए कंपनी में लगवाए थे। निवेशकों को उन्होंने बॉंड पेपर भी दिए। इसके बाद वे कंपनी बंद कर फरार हो गए थे। आरोपियों ने बताया कि आरोपी सुनील ब्यास की मृत्यु हो चुकी है।

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