CGPSC घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, इन 4 आरोपियों को मिली जमानत, CBI जांच में हुआ बड़ा खुलासा

On: Wednesday, October 29, 2025 2:47 PM
ad

CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को जमानत दे दी है।

रायपुर। CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को जमानत दे दी है। जिन लोगों को राहत मिली है, उनमें सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे साहिल सोनवानी, उनके रिश्तेदार नितेश सोनवानी, बजरंग स्पात कंपनी के निदेशक के पुत्र शशांक गोयल और भूमिका कटियार शामिल हैं।

ये सभी आरोपी पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बुधवार को उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया। अदालत ने यह भी कहा कि फिलहाल जांच एजेंसी को मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी रखनी होगी।

CGPSC Scam: 2021 की भर्ती परीक्षा में हुआ था घोटाला

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 2021 में राज्य सेवा परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 171 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन होना था। प्रारंभिक परीक्षा में 2,565 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए, जिनमें से 509 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में सफल हुए। इसके बाद 26 से 29 मई 2022 के बीच मुख्य परीक्षा का आयोजन हुआ और 11 मई 2023 को अंतिम परिणाम जारी किया गया।

Read More: Bilaspur Shooting Case: कांग्रेस नेता के ऑफिस में 10 से 12 राउंड फायरिंग, हमले में दो लोग हुए घायल, इलाके में मचा हड़कंप

CBI की जांच में बड़ा खुलासा

बाद में शिकायतों और आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी। जांच में सामने आया कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने परीक्षा के प्रश्नपत्रों को अपने घर पर ही लीक किया था।

CBI के अनुसार, सोनवानी ने अपने घर में परीक्षा के प्रश्नपत्रों की गुप्त कॉपी तैयार की और उन्हें अपने बेटे साहिल सोनवानी, भतीजे नितेश सोनवानी, पत्नी निशा कोशले और दीपा आदिल को मुहैया कराए। इन सभी ने बाद में उसी परीक्षा में भाग लिया और उच्च पदों पर चयनित हो गए।

CGPSC Scam: मास्टरमाइंड बताए गए टामन सिंह सोनवानी

CBI ने अपनी चार्जशीट में टामन को घोटाले का “मास्टरमाइंड” बताया है। एजेंसी के मुताबिक, इस रैकेट में टामन के साथ ही परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप नियंत्रक ललित गणवीर, सचिव जीवन किशोर ध्रुव और कारोबारी श्रवण गोयल की भूमिका भी सामने आई है।

राज्य में मचा था हड़कंप

सीजीपीएससी घोटाले के खुलासे के बाद राज्य भर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। मामले के उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने आयोग के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और केंद्र ने CBI जांच के आदेश दिए थे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now