Akanksha Toppo FIR: आकांक्षा टोप्पो द्वारा मंत्री रामविचार नेताम के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर अंबिकापुर कोतवाली सहित सरगुजा संभाग के कुल आठ थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए गए हैं।
सरगुजा। Akanksha Toppo FIR: छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो को भारी पड़ता नजर आ रहा है। इस मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वीडियो के वायरल होते ही सरगुजा संभाग में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आकांक्षा टोप्पो द्वारा मंत्री रामविचार नेताम के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर अंबिकापुर कोतवाली सहित सरगुजा संभाग के कुल आठ थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा बेहद आपत्तिजनक है और यह न केवल एक जनप्रतिनिधि का व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक और राजनीतिक मर्यादाओं का भी खुला उल्लंघन है।
वायरल वीडियो से भड़के भाजपा कार्यकर्ता
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आकांक्षा टोप्पो का व्यवहार और शब्दों की मर्यादा पर सवाल उठाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए आकांक्षा टोप्पो लगातार सम्मानित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विवादित और अपमानजनक बयान देकर वीडियो वायरल करती रही है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी समाज में गलत संदेश फैलाती है और राजनीतिक माहौल को भी खराब करती है। इसी के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बलरामपुर-रामानुजगंज में भी विरोध
इस मामले की गूंज केवल सरगुजा तक सीमित नहीं रही। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी भाजपा और भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न थानों में आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर आवेदन सौंपे गए हैं।
कोतवाली समेत 8 थानों में शिकायत
बताया जा रहा है कि अंबिकापुर कोतवाली के अलावा बलरामपुर, रामानुजगंज, रामचंद्रपुर, विजयनगर और बैकुंठपुर समेत अन्य थानों में भी मंत्री समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लिखित शिकायत दी गई है। सभी जगहों पर एक ही मांग उठाई जा रही है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं की गई, तो सोशल मीडिया पर मर्यादाहीन भाषा का चलन और बढ़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की टिप्पणी करने से पहले सौ बार सोचे।
पहले भी विवादों में रह चुकी हैं आकांक्षा टोप्पो
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब आकांक्षा टोप्पो विवादों में घिरी हों। इससे पहले भी सीतापुर और मैनपाट थानों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उस समय उन्होंने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों वाले वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। मामले में सीतापुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, हालांकि बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।






