National Herald Case: अंबिकापुर में नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट खारिज होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इस फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने इसे “सच्चाई की जीत” बताते हुए भाजपा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अंबिकापुर। National Herald Case: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट खारिज होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इस फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने इसे “सच्चाई की जीत” बताते हुए भाजपा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में “जीत हुई सच्चाई की”, “सत्यमेव जयते” जैसे नारे लिखे पोस्टर थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राजनीतिक द्वेष के तहत केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया, लेकिन न्यायालय के फैसले ने भाजपा की साजिश को बेनकाब कर दिया है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही भाजपा कार्यालय के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। भाजपा कार्यालय से कुछ दूरी पहले ही बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स के पास पहुंचे, उन्होंने उन्हें हटाने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बन गई।
हालात को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ वाटर कैनन वाहन भी मौके पर तैनात किया गया। हालांकि किसी बड़े टकराव से पहले ही पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
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कांग्रेस का आरोप- एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित थी। उनका आरोप है कि भाजपा के इशारे पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और बदनाम करने के लिए किया गया। कांग्रेस का कहना है कि चार्जशीट खारिज होने से यह साफ हो गया है कि लगभग 2 हजार करोड़ रुपये के कथित मामले में कोई ठोस आधार नहीं था।
कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की जीत बताते हुए कहा कि अदालत के फैसले ने साबित कर दिया है कि सत्य के सामने झूठ ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता। नेशनल हेराल्ड मामले में न्यायालय के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह मुद्दा और तेज हो गया है, आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।






