Medical Negligence Case: गुरुवार को श्रेया अस्पताल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रबंधक और एक डॉक्टर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दुर्ग। Medical Negligence Case: दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में इलाज में गंभीर लापरवाही से एक महिला की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को श्रेया अस्पताल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रबंधक और एक डॉक्टर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक पांडेय और प्रबंधक मनीष राजपूत ने न केवल इलाज में लापरवाही बरती, बल्कि मृत महिला के शव के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया। इस मामले में दोनों को जिम्मेदार मानते हुए गिरफ्तार किया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर 2025 को पद्माबाई वर्मा (57 वर्ष) घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और वे चलने में असमर्थ हो गईं। अगले दिन 11 अक्टूबर को परिजन उन्हें इलाज के लिए श्रेया अस्पताल लेकर पहुंचे। 13 अक्टूबर को महिला के पैर का ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद 14 अक्टूबर को उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी और सांस लेने में परेशानी शुरू हो गई।
हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने महिला को एंबुलेंस से शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी रेफर किया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर करते समय एंबुलेंस में न तो डॉक्टर मौजूद था और न ही आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं थीं। यदि सही समय पर उचित इलाज और देखरेख मिलती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच की, जिसमें यह सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर की लापरवाहीपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया के कारण महिला की मृत्यु हुई। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अस्पताल प्रबंधक मनीष राजपूत (42 वर्ष), निवासी ग्राम भरनी, जिला दुर्ग और डॉक्टर अभिषेक पांडेय, निवासी मॉडल भिलाई, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए श्रेया अस्पताल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर का नर्सिंग होम एक्ट के तहत जारी लाइसेंस (DURG0473/HOS) निरस्त कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के 43 दिन बाद यह कार्रवाई की गई।






