Kidney treatment: मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में नेफ्रोलॉजिस्ट की हो चुकी है पदस्थापना, मरीज का किया सफल रीनल बायोप्सी, अंबिकापुर के लिए बड़ी उपलब्धि
अंबिकापुर. अब किडनी (Kidney treatment) से संबंधित मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही अब यह सुविधा उपलब्ध है। यहां पहली बार किया गया रीनल बायोप्सी सफल रहा। इसके साथ ही अंबिकापुर के लिए एक और उपलब्धि जुड़ गई है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाल में ही पदस्थ नेफ्रालॉजिस्ट डॉ. ऋषभ गुप्ता ने एक मरीज का सफल ऑपरेशन किया। अब उसकी हालत में काफी सुधार है। नेफ्रोलॉजी सेवाओं की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बता दें कि पहले किडऩी (Kidney treatment) से संबंधित मरीजों को रीनल बायोप्सी के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। इसमें समय व रुपये भी काफी लगते थे। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रीनल बायोप्सी की प्रक्रिया अल्ट्रासाउंड गाइडेंस की सहायता से पूरी की गई।
रीनल बायोप्सी (Kidney treatment) से ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस, नेफ्रोटिक सिंड्रोम, अज्ञात कारणों से किडनी फेल होने जैसी गंभीर स्थितियों के सटीक निदान में मदद मिलती है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस सुविधा के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जिन्हें पहले रायपुर, रांची या वाराणसी जैसे शहरों में महंगे सफर और देरी से गुजरना पड़ता था।
Kidney treatment: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. ऋषभ गुप्ता का है ये कहना
डॉ. ऋषभ गुप्ता ने जीएमसी में नेफ्रोलॉजी प्रक्रियाओं की सफल शुरुआत पर संतोष व्यक्त किया और बताया कि उनका लक्ष्य जिले में समग्र किडनी उपचार (Kidney treatment) सेवाओं, जैसे- डायलिसिस, नियमित रीनल क्लिनिक और रोगों की शीघ्र पहचान को मजबूत करना है।

जीएमसी के डॉक्टरों और प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि इससे मेडिकल शिक्षा और उपचार दोनों को मजबूती मिलेगी। इस उपलब्धि के साथ सीएमसी अंबिकापुर अब उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए एक उन्नत तृतीयक उपचार केंद्र बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है।






