Road Accident: छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सड़कों पर रफ्तार अब मौत बनकर दौड़ रही है। इसी कड़ी में कवर्धा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां मोटरसाइकिलों में जोरदार टक्कर हो गई।
कवर्धा। Road Accident: छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार हो रहे सड़क हादसे लोगों की जान ले रहे हैं। ताज़ा मामला कवर्धा जिले से सामने आया है, जहां कूकदूर थाना क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई भीषण टक्कर ने एक व्यक्ति की जान ले ली, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा चितरहीन मंदिर मोड़ के पास हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों मोटरसाइकिलें तेज रफ्तार में थीं और मोड़ पर आमने-सामने की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। टक्कर लगते ही चारों युवक सड़क पर गिर पड़े।
एक की मौत, तीन घायल
हादसे में नागाडबरा निवासी रामकुमार यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन अन्य युवक घायल हो गए, जिनमें दो युवक मध्यप्रदेश के बजाग जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। आसपास के लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही कूकदूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर मर्ग कायम किया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मर्च्यूरी भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है।
स्थानीय लोगों में दहशत
बार-बार हो रहे सड़क हादसों से स्थानीय लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहन और तेज रफ्तार दोपहिया वाहन लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
हाईकोर्ट ले चुकी है संज्ञान
प्रदेश की सड़कों को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट संज्ञान ले चुका है। कई जनहित याचिकाओं की सुनवाई पर सरकार को बुलाया जा चुका है। इसे लेकर के छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर जनरल पुलिस ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया था और यह कहा था कि सड़कों पर से जल्द ही मवेशियों को हटाया जाएगा। 10 जुलाई 2025 को एक बार फिर बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिंह ने स्वतः संज्ञान लिया।
क्या कहते हैं आंकड़े?
छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के साल दर साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2020 में 11656 हादसे हुए इसमें 4606 मौतें हुईं। वहीं 10505 घायल हुए। 2021 में 12375 हादसे में 5375 मौत हुईं और 10683 घायल हुए। 2022 में 7997 हादसों के दौरान 3467 मौतें हुई थीं, जबकि 7251 घायल हुए थे। 2023 में 13468 हादसे हुए, 6166 मौतें हुईं, 11723 घायल हुए। पिछले साल 2024 में 14853 हादसों में 6752 लोगों की जान गईं जबकि 12573 घायल हो गए। 2025 के आंकड़े जारी है।
2024 छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों में मौत
प्रदेश के बड़े शहरों में होने वाले हादसों को देखें तो राजधानी रायपुर में 595 मौतें हुईं। वहीं 2069 हादसे देखने को मिले, यहां 17 प्रतिशत बढ़त देखने को मिली। कोरबा में 838 हादसों में 380 लोगों की मौत हुई, यहां 11 प्रतिशत हादसे बढ़ें। रायगढ़ में 691 हादसे 379 मौत हुईं, यहां 18 प्रतिशत हादसे बढ़ें, बिलासपुर में 1390 हादसे हुए 359 मौत हुईं, सरगुजा में 614 हादसे हुए 352 लोगों की मौत हुई यहां 19 प्रतिशत हादसे बढ़ें, दुर्ग में 1229 हादसे हुए, जिसमें 344 मौत हुईं।






