PIL security deposit increased: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बदले PIL नियम, अब जमा करने होंगे इतने रुपये… देखें

On: Friday, January 2, 2026 5:42 PM
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PIL security deposit increased: हाईकोर्ट ने अपने नियमों में अहम संशोधन करते हुए जनहित याचिका पर जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि की राशि तीन गुना बढ़ा दी है।

बिलासपुर। PIL security deposit increased: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने वालों को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने अपने नियमों में अहम संशोधन करते हुए जनहित याचिका पर जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि की राशि तीन गुना बढ़ा दी है। अब प्रत्येक जनहित याचिका के साथ याचिकाकर्ता को 15,000 रुपये की सुरक्षा निधि जमा करनी होगी। इससे पहले यह राशि 5,000 रुपये निर्धारित थी।

हाईकोर्ट रूल्स, 2007 में किए गए इस नवीन संशोधन के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट देश का ऐसा इकलौता हाईकोर्ट बना हुआ है, जहां पहले से ही जनहित याचिका पर सुरक्षा निधि अनिवार्य थी, और अब इसकी राशि में भी भारी बढ़ोतरी कर दी गई है।

याचिकाकर्ताओं पर बढ़ेगी आर्थिक बाध्यता

नियमों में किए गए इस संशोधन के बाद अब जनहित याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ताओं को पहले से अधिक आर्थिक भार उठाना पड़ेगा। हालांकि, नियमों के तहत न्यायालय को कुछ विशेष मामलों में सुरक्षा निधि में रियायत देने की शक्ति भी प्राप्त है, लेकिन सामान्य मामलों में बढ़ी हुई राशि अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।

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क्या है सुरक्षा निधि?

हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुरक्षा निधि (Security Deposit) वह निर्धारित राशि होती है, जिसे याचिकाकर्ता को याचिका दायर करते समय जमा करना पड़ता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि याचिका वास्तविक जनहित से जुड़ी हो और किसी भी प्रकार की तुच्छ, निराधार या दुर्भावनापूर्ण याचिकाओं को रोका जा सके।

यह सुरक्षा निधि कोर्ट फीस से अलग होती है। आमतौर पर कोर्ट फीस प्रति प्रतिवादी लगभग 50 रुपये होती है, जबकि सुरक्षा निधि की राशि हाईकोर्ट के नियमों के अनुसार तय की जाती है और यह राज्य दर राज्य अलग-अलग हो सकती है।

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