गिरफ्तारी के बाद उमेश सिंह की मौत से मचा हंगामा, SP ने चार पुलिसकर्मियों को किया लाइन अटैच, मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

On: Wednesday, November 12, 2025 5:40 PM
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Balrampur News: धनंजय ज्वेलरी चोरी मामले में गिरफ्तार बादी गैंग के मेंबर उमेश सिंह की मौत पर पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक ने एक निरीक्षक, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है।

बलरामपुर। Chhattisgarh News: धनंजय ज्वेलरी चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए बादी गैंग के सदस्य उमेश सिंह की मौत के बाद मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। लगातार उठ रहे सवालों और परिजनों के आरोपों के बीच पुलिस अधीक्षक ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने एक निरीक्षक, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है, और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अत्याचार के प्रमाण मिलते हैं तो कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

इस बीच, उमेश सिंह की मौत को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं और आरोप-प्रत्यारोपों के बीच अब मेडिकल रिपोर्ट ने स्थिति को नया मोड़ दे दिया है। जिला अस्पताल से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मृतक उमेश सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारियों से ग्रसित था। अस्पताल रिकॉर्ड्स बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में वह 34 बार अस्पताल में भर्ती हुआ था।

डॉक्टरी परीक्षण रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि उमेश सिकल सेल एनीमिया और कई अन्य पुरानी बीमारियों से जूझ रहा था। वर्ष 2022 से 2025 के बीच उसने जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कई बार इलाज कराया था, जिसके अभिलेख अस्पताल प्रशासन के पास मौजूद हैं।

अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उमेश की तबीयत अचानक बिगड़ी थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसकी इलाज के दौरान ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उसके मेडिकल इतिहास दोनों यह दर्शाते हैं कि मौत स्वाभाविक कारणों से हुई है, न कि किसी बाहरी चोट या अत्याचार से।

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परिजनों ने लगाया पुलिस पर गंभीर आरोप

हालांकि, मृतक उमेश सिंह के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उमेश की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई है। परिजनों के अनुसार, 6 नवंबर को कुछ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में घर पहुंचे और उमेश को पकड़कर ले गए। इसी दौरान उसकी निर्दयतापूर्वक पिटाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

उन्होंने बताया कि उमेश को क्राइम ब्रांच के जवान लेकर गए थे और रास्ते में भी उसकी मारपीट जारी रही। यही वजह रही कि पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत और बिगड़ गई, और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और शव लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने मांग की कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, वे शव नहीं लेंगे।

जानिए क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि बलरामपुर जिले में 30-31 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात को एक बड़ी ज्वेलरी चोरी हुई थी। अज्ञात चोरों ने धनंजय ज्वेलर्स की दुकान का शटर उठाकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और करीब 3.50 लाख रुपए नकद चोरी कर लिए थे। पुलिस की जांच में बादी गैंग का नाम सामने आने पर उमेश सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बताया गया कि पुलिस उमेश को चोरी के जेवर बरामद करने के लिए मौके पर लेकर जा रही थी, तभी रास्ते में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस टीम ने तुरंत उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार

वर्तमान में पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत पूरी तरह बीमारी के कारण हुई या किसी बाहरी कारण से। फिलहाल अस्पताल रिपोर्ट से यह संकेत जरूर मिला है कि उमेश सिंह लंबे समय से बीमार था, लेकिन परिजनों के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस प्रशासन अब हर कोण से मामले की जांच कर रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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