Tamanar Violence Video: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच सीधी भिड़ंत साफ देखी जा सकती है। एक वीडियो में तमनार थाना प्रभारी को कुछ महिलाओं द्वारा लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है।
रायगढ़। Tamanar Violence Video: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक महकमे से लेकर आम जनता तक को झकझोर कर रख दिया है। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला तमनार ब्लॉक एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में आ गया है। गारे पाल्मा सेक्टर-1 कोयला खदान को लेकर जिंदल इंडस्ट्रीज और स्थानीय ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चल रहा विरोध 27 दिसंबर को अचानक उग्र हो गया।
हालात इस कदर बिगड़े कि प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी और आगजनी तक पहुंच गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों से मारपीट के आरोप भी लगे। घटना से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अब पुलिस अधिकारियों की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, कोयला खदान से जुड़ी जनसुनवाई की प्रस्तावित जगह में बदलाव को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई थी। इसी आक्रोश के चलते प्रदर्शन हिंसक हो गया और हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, वहीं कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
27 दिसंबर को हुई हिंसा के दौरान आधा दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस बल और आंदोलनकारियों के बीच लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। इस दौरान कई पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट के आरोप लगे। हालांकि उस समय स्थिति को किसी तरह नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन बाद में सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
Tamanar Violence Video: महिला आरक्षक के कपड़े फाड़े
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच सीधी भिड़ंत साफ देखी जा सकती है। एक वीडियो में तमनार थाना प्रभारी को कुछ महिलाओं द्वारा लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
देखें Video
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा शर्मनाक और निंदनीय वीडियो एक महिला आरक्षक से जुड़ा हुआ है। वायरल वीडियो में कुछ आंदोलनकारी महिला आरक्षक के साथ बर्बरता करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि आंदोलनकारियों ने महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। वीडियो में महिला आरक्षक हाथ जोड़कर दया की भीख मांगती दिखाई दे रही है। इसके बावजूद उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। करीब 20 सेकंड से अधिक का यह वीडियो पुलिस प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
घटना के बाद प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। प्रशासन की ओर से जनसुनवाई को निरस्त किए जाने का आश्वासन भी दिया गया। इसके बावजूद 27 दिसंबर को हुई हिंसा और विशेष रूप से महिला आरक्षक के साथ हुई शर्मनाक घटना को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों की चुप्पी लगातार सवाल खड़े कर रही है।
अब तक इस मामले में न तो कोई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कैमरे के सामने आया है और न ही किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया गया है। महिला आरक्षक के साथ हुई घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आ पाया है।
एफआईआर दर्ज
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि तमनार थाने में इस मामले को लेकर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। करीब सौ से अधिक आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। वहीं महिला आरक्षक से जुड़े वायरल वीडियो के प्रसार को रोकने और उसे सोशल मीडिया से हटाने के प्रयास भी पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे हैं।






