Balrampur News: बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में फर्जी पट्टा निरस्त नहीं होने से नाराज एक ग्रामीण ने प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बलरामपुर। CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में फर्जी पट्टा निरस्त नहीं होने से नाराज एक ग्रामीण ने प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने की सूचना मिलते ही वाड्रफनगर पुलिस मौके पर पहुँची और धरने पर बैठे युवक को थाने ले जाकर पूछताछ की।
मिली जानकारी के अनुसार, वाड्रफनगर अनुविभाग के ग्राम बसंतपुर निवासी रामहरी गुप्ता ने सोमवार से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के सामने धरना देना शुरू किया। उनका आरोप है कि फर्जी पट्टा निरस्त कराने के लिए उन्होंने काफी पहले शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
फर्जी तरीके से तैयार कराया गया था पट्टा
रामहरी गुप्ता ने वर्ष 2023-24 में कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि धनवार राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित भूमि पर विशाल कश्यप द्वारा कथित रूप से फर्जी तरीके से पट्टा तैयार कराया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वाड्रफनगर तहसीलदार द्वारा एक जांच टीम गठित की गई थी।
जांच टीम की पड़ताल में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद जांच से संबंधित सभी दस्तावेज अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वाड्रफनगर को सौंप दिए गए। इसके पश्चात पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करते हुए फाइल बलरामपुर एसडीएम कार्यालय भेजी गई। हालांकि, एसडीएम कार्यालय ने यह कहते हुए फाइल वापस लौटा दी कि संबंधित समिति द्वारा अब तक पट्टा निरस्तीकरण का आदेश पारित नहीं किया गया है। इसी कारण पूरा मामला लंबे समय से अटका हुआ है।
आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
रामहरी गुप्ता का कहना है कि शिकायत दर्ज किए जाने के एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक फर्जी पट्टा निरस्त नहीं किया गया। उन्होंने प्रशासन को पहले ही तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद सोमवार से उन्होंने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक फर्जी पट्टा निरस्तीकरण का आदेश पारित कर विधिवत कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित समिति से शीघ्र पट्टा निरस्त कराकर आदेश एसडीएम कार्यालय भेजा जाए, ताकि पूरे मामले का कानूनी समाधान हो सके और उन्हें न्याय मिल सके।






