Vijayadashami: इस शहर का दशहरा होता है खास, हिंदुओं की निकलती है रैली, देश में चर्चा, इस बार क्या रहेगा खास

On: Sunday, September 29, 2024 4:27 AM
Vijayadashami
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Vijayadashami: 12 अक्टूबर को निकलेगी रैली, शहर में तैयारियां हुईं तेज, राजस्थान के अलवर से आएगी एक टीम, तलवार से काटेगी नारियल

अंबिकापुर। Vijayadashami: हर साल की तरह, इस बार भी हिन्दू युवा एकता मंच के बैनर तले अंबिकापुर शहर में दशहरे के दिन एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का भी एक अद्भुत उदाहरण पेश करती है। इस बार की रैली में लाखों की संख्या में श्रद्धालु और नए कलाकार शामिल होंगे, जो अपने अनूठे प्रदर्शन से सभी का मन मोह लेंगे।

मंच के सदस्यों ने इसकी तैयारी शुरु भी कर दी है। स्थानीय कलेक्टोरेट चौक पर हनुमान जी का कट-आउट भी लगा दिया गया है। (Vijayadashami) झंडे बांधने का काम भी युवाओं की टोली शुरु कर चुकी है।

Vijayadashami

साल 2015 में शुरु हुए इस Vijayadashami आयोजन ने हर साल भव्य रुप लिया। भव्यता का आंकलन इस बात से लगाया जा सकता है कि सैकड़ों की तादाद से शुरु हुई भीड़ अब लाखों में पहुंच चुकी है। साल 2023 में विदेशी सैलानियों का एक दल भी इस रैली को देखने पहुंचा था। हिंदू युवा एकता मंच के सदस्य हर साल इसे और भव्यता देने की कोशिश करते चले आ रहे हैं।

इस साल की रैली में खासतौर पर राजस्थान के अलवर से एक गतका दल आ रहा है, जो अपनी विशिष्ट कला का प्रदर्शन करेगा। गतका, सिख धर्म का एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है। इसमें विशेष प्रकार के युद्ध कौशल दिखाए जाते हैं।

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इसके अलावा, 100 सदस्यीय शैला नृत्य की टीम भी रैली का हिस्सा होगी, जो दर्शकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करेगी। हिन्दू युवा एकता मंच के सदस्यों के प्रयासों से यह रैली हर साल और भी भव्य होती जा रही है।

स्वस्फूर्त सहयोग का अनूठा उदाहरण

इस रैली की एक और खास बात यह है कि शहर में लगभग 15,000 झंडों को लगाने के लिए मजदूरों की आवश्यकता नहीं पड़ती। स्थानीय लोग स्वस्फूर्त रूप से इस काम में सहयोग करते हैं। यह सामुदायिक भावना और एकता का प्रतीक है, जो अंबिकापुर के लोगों के दिलों में बसती है।

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क्यों है यह रैली खास?

इस रैली में भाग लेना केवल एक धार्मिक प्रेम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अवसर है, जहां लोग अपने समाज और संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। यहां पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और धार्मिक अनुष्ठान लोगों को एक साथ लाते हैं।

रैली की सुरक्षा और व्यवस्था

रैली के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अलावा हिंदू युवा एकता मंच के जिम्मेदार युवाओं को भी सुरक्षा की कमान सौंपी जाती है। जिससे सभी श्रद्धालु और कलाकार सुरक्षित महसूस करें। इसके अलावा, जिला प्रशासन भी मुस्तैद रहता है।

Vijayadashami: पिछले सालों की झलकियां

2018- इस साल रैली में ढोल ताशा दल की धूम मची थी, जिसने सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया था।
2022- गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसने धार्मिक आस्था को और भी प्रगाढ़ किया।
2023- उज्जैन के डमरू वादक दल ने रैली में चार चाँद लगा दिए, और उड़ने वाले हनुमान जी की झांकी ने सबका ध्यान खींचा। यह देश-विदेश में चर्चा का विषय बना रहा।

इस वर्ष के रैली की रुपरेखा

तारीख- 24 अक्टूबर 2023
स्थान- अंबिकापुर
विशेष आकर्षण- गतका दल (राजस्थान)
100 सदस्यीय शैला नृत्य

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