Prisoners escaped: मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को दिया चकमा, महीने भर के भीतर अस्पताल से कैदी और बंदियों के भागने की दूसरी घटना

अंबिकापुर। पॉक्सो और एनडीपीएस एक्ट के मामले में सेंट्रल जेल अंबिकापुर में बंद 2 विचाराधीन बंदी रविवार की देर रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल से फरार (Prisoners escaped) हो गए। इसकी सूचना जेल वार्ड में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जेल प्रबंधन और मणिपुर चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों फरार बंदियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी खोजबीन शुरू कर दी है। पिछले एक महीने में मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बंदियों भागने की यह दूसरी घटना है। जेल अधीक्षक ने भी बंदियों के भागने की पुष्टि की है।

लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अंधला निवासी रितेश सारथी नाबालिग लड़की से ज्यादती के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत सेंट्रल जेल अंबिकापुर में बंद था। वहीं सूरजपुर जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमड़ी निवासी पवन पाटिल एनडीपीएस एक्ट के तहत सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी था।

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तबियत खराब होने पर दोनों (Prisoners escaped) को जेल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनकी देखरेख के लिए ड्यूटी पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। इसी बीच रविवार की रात करीब 3 बजे सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर दोनों अस्पताल से फरार हो गए।

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दोनों की चल रही खोजबीन

अस्पताल से 2 बंदियों के फरार (Prisoners escaped) होने की सूचना सुरक्षाकर्मियों ने जेल प्रबंधन को दी। वहीं मामले की रिपोर्ट मणिपुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी खोजबीन शुरु कर दी है।

सेंट्रल जेल अधीक्षक ने भी इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अस्पतालंके जेल वार्ड में 4 बंदियों को इलाज के लिए रखा गया था। इसमें से दो फरार हो गए हैं।

Prisoners escaped: एक महीने में दूसरी घटना

मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर से कैदी और बंदियों के भागने की यह एक महीने के भीतर दूसरी घटना (Prisoners escaped) है। इसके पूर्व बिलासपुर के मल्हार निवासी हत्या की सजा काट रहा एक कैदी फरार हो गया था। उसने बिलासपुर कलेक्टर के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इस मामले में 4 जेल प्रहरियों को बर्खास्त भी किया जा चुका है।